Kanpur: शहर की लेदर ज्वैलरी को मिला नया बाजार, चर्म उद्यमियों को मिले 100 करोड़ रुपये के उत्पादों के निर्यात ऑर्डर
कानपुर की लेदर ज्वैलरी को मिला नया बाजार।
कानपुर की लेदर ज्वैलरी को नया बाजार मिला। यूरोपीय देशों के बाद अब वियतनाम और जॉर्डन को लेदर ज्वैलरी पसंद आई। चर्म उद्यमियों को 100 करोड़ रुपये के उत्पादों के निर्यात ऑर्डर मिले।
कानपुर, [राजीव त्रिवेदी]। शहर की बनी लेदर ज्वैलरी दुनिया भर में धाक जमा रही है। यूरोपीय देशों के बाद जॉर्डन और वियतनाम को कानपुर की लेदर ज्वैलरी पसंद आई है। ग्रेटर नोएडा में चल रहे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में इन दोनों देशों के व्यापारियों ने शहर के लेदर ज्वैलरी निर्यातकों को बड़ा ऑर्डर दिया है। शहर से ट्रेड शो में शामिल 17 चर्म निर्यातकों को अब तक विदेशों से सौ करोड़ रुपये के ऑर्डर मिल चुके हैं।
ट्रेड शो में शामिल चर्म उत्पाद निर्यातकों ने बताया कि अभी तक शहर के चर्म उत्पादों का सबसे बड़ा बाजार यूरोपियन देशों को माना जाता था। शहर में बनी चमड़े की ज्वैलरी के लिए अमेरिका, ब्रिटेन, श्रीलंका व दुबई पारंपरिक बाजार था। लेकिन अब अन्य देशों में भी शहर के चर्म उत्पादों को काफी पसंद किया जा रहा है।
इनमें वियतनाम और जॉर्डन जैसे देश प्रमुख हैं। शहर के कारीगरों की बनाई चमड़े की ज्वैलरी में इन देशों के उद्यमियों ने विशेष रुचि दिखाई है। इनमें ब्रेस्लेट, बारीक झुमके और चमड़े के विभिन्न प्रकार के हार जैसे उत्पाद शामिल हैं। निर्यातक सना इंटरनेशनल एक्जिम के निदेशक डॉ. जफर नफीस ने बताया कि चर्म उत्पादों के साथ चमड़े की ज्वैलरी को नया बाजार मिलने से कोरोना काल के बाद की मंदी काफी हद तक कम होने की उम्मीद है।
हस्तनिर्मित होने से ज्यादा पसंद की जाती
विदेशियों को शहर में बनने वाली लेदर ज्वैलरी इस वजह से खास पसंद आती है क्योंकि यह पूरी तरह हाथ से बनाई जाती है। निर्यातकों के अनुसार लेदर ज्वैलरी में किसी तरह से मशीन का इस्तेमाल नहीं किया जाता है। इसके अलावा शहर के चमड़े की गुणवत्ता बढ़िया होने से भी ज्वैलरी अन्य देशों के मुकाबले ज्यादा दिन तक चलती है। इसकी चमक भी लंबे समय तक बरकरार रहती है।
प्रदेश सरकार से मिले प्रमोशन से हुआ लाभ
निर्यातकों ने बताया कि ट्रेड फेयर में प्रदेश सरकार द्वारा प्रमोशन किए जाने से काफी लाभ हुआ है। इसके चलते कई देशों के उद्यमी सीधे उनसे बात कर रहे हैं। सीधी बातचीत में ऑर्डर आसानी से मिल रहे हैं।
प्रदेश सरकार की ओर से लगाए गए ट्रेड फेयर में शामिल निर्यातक पूरे विश्व के उद्योगपतियों के साथ एक ही छत के नीचे जुड़ गए हैं। निर्यातकों की उपलब्धि से निश्चित रूप से प्रदेश सरकार की वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी की योजना को बल मिलेगा।- सुधीर कुमार श्रीवास्तव, उपायुक्त उद्योग।
