बरेली: आरती बोली- रामवीर को कभी नहीं माना पति, हत्या का कोई अफसोस नहीं

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ओमेंद्र सिंह, बरेली, अमृत विचार। फतेहगंज पूर्वी के गांव शिवपुरी के रामवीर की हत्या की साजिश में शामिल पत्नी आरती के चेहरे पर जरा भी शिकन नहीं दिखी। जेल जाने से पहले वह बोली कि उसने रामवीर को कभी अपना पति नहीं माना।

वह मानवेंद्र को ही पति मानती है और उसे रामवीर की हत्या का कोई मलाल नहीं है। फतेहगंज पूर्वी पुलिस ने रविवार को मामले में आरोपी पत्नी, प्रेमी मानवेंद्र और उसके दोस्त सौरभ को कोर्ट में पेश किया। जहां से तीनों को जेल भेज दिया गया।

आरती के प्रेम संबंध रिश्ते के भांजे निकसुआ निवासी मानवेंद्र से थे। दोनों साथ रहना चाहते थे, लेकिन रामवीर आड़े आ रहा था। मानवेंद्र ने साजिश के तहत 20 सितंबर को नौकरी लगवाने का झांसा देकर रामवीर को गांव बुलाया और अपने दोस्त सौरभ के साथ मिलकर हत्या कर दी और शव रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया। पुलिस ने मानवेंद्र को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो उसने पूरा सच उगल दिया।

न बिछिया उतारुंगी न कोई रस्म निभाऊंगी

जेल जाते समय आरती हर सवाल का बेबाकी से जवाब दे रही थी। पुलिस हिरासत में मुस्कराते हुए बोली कि उसे रामवीर की हत्या पर जरा सा अफसोस नहीं है। कहा कि जमानत पर बाहर आने के बाद वह अपने बेटे को भी ले जाएगी। उसने कहा कि वह न तो बिछिया उतारेगी और पति की मौत के बाद की जाने वाली कोई रस्म निभाएगी।

16 साल की उम्र से हैं आरती से प्रेम संबंध

हिरासत में आरोपी मानवेंद्र ने बताया कि आरती का मायका शाहजहांपुर के तिलहर थाना क्षेत्र के गांव धुनकपुर में है। उसी गांव के पास उसकी ननिहाल है। वह ननिहाल में रहकर पढ़ता था। इसी दौरान उसकी मुलाकात आरती से हुई। 16 साल की उम्र से ही दोनों के बीच प्रेम संबंध थे। 2019 में आरती की शादी रामवीर से हो गई।

शादी के एक वर्ष बाद उसने रामवीर से कहा कि वह आरती को छोड़ दे, लेकिन वह नहीं माना। तब उसने आरती की सलाह पर हत्या की साजिश की। सौरभ ने बताया कि मानवेंद्र की बातों में आकर उसने हत्या जैसे अपराध में उसका साथ दिया।

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शराब पिलाने के बाद की हत्या
मानवेंद्र ने बताया कि उसने आरती से फोन करके पूरी योजना बताई। फिर सौरभ के मोबाइल से काॅल करके रामवीर को निकसुआ बुलाया। जहां उसे शराब पिलाकर आरती को तलाक देने के लिए कहा, लेकिन वह नहीं माना।

इसके बाद उसने और सौरभ ने गले में गमछा डालकर खींच दिया। रामवीर ने चिल्लाने की कोशिश की तो मुंह दबा दिया। जब वह मर गया तो शव को रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया और आरती को कॉल करके हत्या की बात बताई।


एक ही जगह पर मिली तीनों की लोकेशन
एसआई इशरत अली ने बताया कि उन्होंने जांच शुरू की तो रामवीर और उसकी पत्नी की कॉल डिटेल निकाली। पता चला कि आरती ने कई बार मानवेंद्र से बात की है। जब लोकेशन निकाली गई तो रामवीर, सौरभ और मानवेंद्र की लोकेशन एक ही जगह मिली।

रात में 8:13 बजे सौरभ के मोबाइल से मानवेंद्र ने आरती से बात की। इसके बाद आरती ने दो तीन बार मानवेंद्र को कॉल करके संपर्क करने की कोशिश की लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई।

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