बरेली: नगर आयुक्त और सेतु निगम के अफसर भी मौतों के जिम्मेदार

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। कुतुबखाना पुल के निर्माण के दौरान 20 दिन के अंदर हुए दो हादसों में दो लोगों की जान चली जाने से इलाके के व्यापारियों में अफसरों के खिलाफ भारी गुस्सा है। व्यापारियों का कहना है कि इन हादसों के लिए सिर्फ कार्यदायी संस्था नहीं, नगर आयुक्त और सेतु निगम के अफसर भी पूरी तरह जिम्मेदार हैं।

इन अफसरों का पूरा जोर तेजी से निर्माण करने पर है, आम लोगों की सुरक्षा की चिंता बिल्कुल नहीं। रविवार को व्यापारियों ने नगर आयुक्त और सेतु निगम अफसरों का पुतला फूंका और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

व्यापारियों ने कहा कि पुल के निर्माण के दौरान कई हादसे हो चुके हैं। अफसरों ने इनसे अगर सबक लिया होता तो धनंजय और सुधीर की जान नहीं जाती। व्यापारियों की ओर से सुरक्षा इंतजामों के लिए दिए गए कई लिखित प्रार्थना पत्रों को भी दोनों अफसरों ने अनदेखा कर दिया। समाज सेवा मंच के अध्यक्ष हाजी नदीम शम्सी ने व्यापारियों के साथ नगर आयुक्त और सेतु निगम के अफसरों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उनके पुतले भी फूंके।

व्यापारियों ने नारेबाजी करते हुए दोनों अफसरों पर कार्रवाई की मांग की। कहा कि शटरिंग का काम दिन के बजाय रात में कराया जाना चाहिए क्योंकि शटरिंग की चादर गिरने से अब तक पांच हादसे हो चुके हैं। भारी खतरा होने के बाद भी अफसर सुनने को तैयार नहीं है। ठेकेदार अब भी आम लोगों की सुरक्षा की अनदेखी कर रहा है।

सर्विस रोड पर निर्माण सामग्री फैला देने पर भड़के व्यापारी, सुपरवाइजर से नोकझोंक
कोहाड़ापीर चौकी के पास ठेकेदार ने पुल के निर्माण के लिए सरिया, गर्डर, बीम समेत काफी सामान रोड पर बेतरतीब ढंग से फैला रखा है। इस पर रविवार को स्थानीय दुकानदार भड़क गए। उनकी यहां काम कर रहे मजदूरों और सुपरवाइजर से काफी देर कहासुनी हुई।

दुकानदारों का कहना था कि सर्विस रोड लोगों की आवाजाही के लिए खोली गई है। इस पर बेतरतीब ढंग से लोहे के जाल और दूसरा सामान फैला देने से आए दिन लोग चोटिल हो रहे हैं। फिर भी अफसर कुछ सुनने को तैयार नहीं हैं।

आज कोतवाली में बैठक, व्यापारियों से सहयोग मांगेंगे सेतु निगम के अफसर

कुतुबखाना पुल के निर्माण स्थल पर दो लोगों की मौत होने के बाद व्यापारियों में भारी गुस्सा है। इसी कारण कार्यदायी संस्था ने भी निर्माण स्थल के आसपास आवाजाही पूरी तरह बंद न होने पर काम करने से इन्कार कर दिया है। इससे चुनाव से पहले पुल निर्माण पूरा करने की कोशिश कर रहे अफसर परेशान हैं।

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सेतु निगम के डीपीएम अरुण कुमार ने बताया कि सुबह 10 बजे कोतवाली में व्यापारियों के साथ बैठक की जाएगी। अधिकारियों की मौजदूगी में व्यापारियों की बातें सुनने के बाद उनसे सहयोग मांगा जाएगा ताकि पुल का निर्माण समय से पूरा कराया जा सके।

धनंजय की मौत के मामले में कार्यदायी संस्था पर दर्ज हो सकती है एक और एफआईआर
कुतुबखाना पुल पर तीन सितंबर को हुए हादसे में जान गंवाने वाले पूरनपुर (पीलीभीत) के गांव चंदिया हजारा निवासी मजदूर धनंजय की मौत की कमिश्नर के निर्देश पर एडीएम सिटी की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने जांच में सीधे तौर पर कार्यदायी संस्था की लापरवाही मानी है।

उसे सुरक्षा मानकों की अनदेखी का दोषी बताते हुए कहा गया है कि अगर सुरक्षा जाल लगाकर काम हो रहा होता तो धनंजय की जान नहीं जाती। अब तीन दिन पहले हुई सुधीर की मौत भी यही कमेटी जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि धनंजय की मौत मामले में भी प्रशासन की तरफ से ठेकेदार और प्रोजेक्ट मैनेजर के खिलाफ जल्द रिपोर्ट दर्ज कराई जा सकती है।

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