काशीपुर: विवाहिता को ससुराल से न निकाले जाने का आदेश

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

काशीपुर, अमृत विचार। घरेलू हिंसा की शिकार विवाहिता को न्यायालय ने ससुराल से न निकाले जाने का आदेश दिया है। काशीपुर निवासी एक महिला का विवाह मंझरा रोड स्थित फ्रेंड्स कॉलोनी निवासी नाजिम से हुआ था। विवाह के बाद ससुरालियों द्वारा उसके साथ मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया। जिस पर पीड़िता ने अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट काशीपुर के समक्ष घरेलू हिंसा से महिला संरक्षण अधिनियम 2003 के तहत प्रार्थना पत्र दिया गया।

जिसमें कहा गया कि उसे व उसके दो बच्चों को पति जबरदस्ती घर से निकाल रहे हैं। घर से निकलने पर उसका कोई रहने का ठिकाना नहीं होगा। इस मामले में पीड़िता की ओर से अधिवक्ता अमरीश अग्रवाल एडवोकेट, मुनिदेव विश्नोई एडवोकेट व भारत भूषण एडवोकेट द्वारा बहस के दौरान कहा गया कि घरेलू हिंसा से महिला संरक्षण अधिनियम, 2003 में स्पष्ट प्राविधान है कि शादीशुदा महिला अपने सांझी गृहस्थी / ससुराल में रह सकती है।

इस सम्बन्ध में अनेक नजीरे दी गयी। जिस पर अधिवक्ता  अमरीश अग्रवाल एडवोकेट, मुनिदेव विश्नोई एडवोकेट व भारत भूषण एडवोकेट की बहस व तर्कों से संतुष्ट होकर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट काशीपुर ने महिला को उसकी ससुराल से ना निकाले जाने का आदेश जारी किया, तथा आदेश की प्रति थानाध्यक्ष काशीपुर को भी न्यायालय द्वारा भेजी गयी है l

संबंधित समाचार