Kanpur Dehat News: नर्सिंग होम में महिला की मौत, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप… हंगामा
कानपुर देहात में महिला की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया।
कानपुर देहात के नर्सिंग होम में महिला की मौत से आक्रोशित लोगों ने परिजनों ने हंगामा किया। पुलिस ने लोगों को समझा कर शांत कराया।
कानपुर देहात, अमृत विचार। रसूलाबाद थानाक्षेत्र के दया निवासी एक प्रसूता की कस्बा में संचालित एक नर्सिंग होम में सामान्य प्रसव के बाद इंफेक्शन होने पर कानपुर नगर के एक निजी अस्पताल में भेज दिया गया। वहां ऑपरेशन के बाद सोमवार रात महिला की मौत हो गई। जिसपर परिजन शव लाकर नर्सिंग होम के सामने रखकर हंगामा करने लगे। पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर उन्हें शांत कराया।
रसूलाबाद क्षेत्र के दया गांव निवासी अश्वनी राजपूत की पत्नी सुशीला (28) का द्वितीय प्रसव होना था। उसने पत्नी को प्रसव पीड़ा होने पर बीती 10 सितंबर को धुसरामऊ की दिवंगत आशा कार्यकर्ता प्रभा देवी की पुत्रवधू के साथ सीएचसी रसूलाबाद की मेटरनिटी विंग मंे भर्ती कराया था। वहां लीकेज होने के कारण स्टाफ नर्स ने हैलट कानपुर के लिए रेफर कर दिया।
इसी दौरान मेटरनिटी में सक्रिय दलाल उसे रसूलाबाद नगर पंचायत कार्यालय के सामनेएक नर्सिंग होम ले गए। जहां सामान्य प्रसव के बाद सुशीला ने बेटी को जन्म दिया। प्रसव के बाद नर्सिंग होम में प्रसव कराने वाली महिला के टांके लगा दिए गए। 13 सितंबर को टांकों में इंफेक्शन हो जाने पर अश्विनी पत्नी सुशीला को लेकर फिर नर्सिंग होम पहुंचा। वहां नर्सिंग होम वालों ने ठीक हो जाने का आश्वासन देकर इलाज किया।
लेकिन उसकी हालत बिगड़ती गई। 27 सितंबर को अस्पताल संचालक ने इंफेक्शन बढ़ने पर इलाज के लिए कानपुर ले जाने की सलाह दी। जिसपर परिजन कल्याणपुर कानपुर के एक निजी नर्सिंग होम ले गए। वहां ऑपरेशन के दौरान सुशीला की मौत हो गई। जिसपर परिजन शव लेकर रसूलाबाद के नर्सिंग होम आए और गलत इलाज करने का आरोप लगाकर हंगामा करने लगे।
जानकारी पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझा कर शांत कराया। परिजन प्रसव व इन्फेक्शन के इलाज के नाम पर लिए गए 40 हजार रुपये वापस करने की मांग करने लगे। बताया जाता है कि अस्पताल संचालक ने परिजनों को रुपये वापस कर मामला रफा-दफा करने का प्रयास किया। वहीं थाना प्रभारी जनार्दन प्रताप सिंह ने पोस्टमार्टम न कराने की जिद पर अड़े परिजनों को समझाते हुए पंचायत नामा की कार्रवाई के बाद शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया।
थाना प्रभारी ने बताया कि परिजनों ने तहरीर नहीं दी गई है। सीएचसी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पीयूष त्रिपाठी ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जाएगी। धुसरामऊ की आशा बहू की मौत हो चुकी हैं। उसकी पुत्रवधू अनाधिकृत रूप से प्रसूता को लेकर आई थी। परिसर में लगे दलालों की जानकारी कर उनके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।
