विकास करेगी अर्थव्यवस्था
दुनिया में सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश भारत, विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। पिछले दशक में उसका आर्थिक विकास भी हुआ है। भारत अब एक विश्व खिलाड़ी के रूप में उभरा है। विश्व बैंक ने निवेश और घरेलू मांग के दम पर भारतीय अर्थव्यवस्था के चालू वित्त वर्ष 2023-24 में 6.3 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान जताया है। विश्व बैंक ने भारत के लिए वैश्विक अवसरों का लाभ उठाने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बताई हैं।
चुनौतीपूर्ण वैश्विक माहौल की पृष्ठभूमि में भारत लगातार लचीलापन दिखा रहा है। भारत में अपेक्षा से अधिक मजबूत आंकड़ों के कारण 2023 में वृद्धि में 0.2 प्रतिशत अंक की वृद्धि हुई है। विश्व बैंक का अनुमान है कि यह क्षेत्र अगले कुछ वर्षों में किसी भी अन्य विकासशील देश क्षेत्र की तुलना में अधिक तेजी से बढ़ेगा। उल्लेखनीय है कि भारत की विकास दर जी 20 देशों में दूसरी सबसे ऊंची विकास दर और उभरती बाजार अर्थव्यवस्थाओं के औसत से लगभग दोगुनी थी। साथ ही सेवा क्षेत्र की गतिविधि 7.4 प्रतिशत की वृद्धि के साथ मजबूत रहने की उम्मीद भी है।
हालांकि रोजगार संकेतक कमजोर रहे हैं लेकिन उचित नीतियों के साथ देश की आर्थिक वृद्धि अधिक रोजगार सृजन कर सकती है। विश्व बैंक ने उम्मीद जताई है कि उच्च वैश्विक ब्याज दरों, भू-राजनीतिक तनाव और सुस्त वैश्विक मांग के कारण प्रतिकूल परिस्थितियां बनी रहेंगी। परिणामस्वरूप, इन संयुक्त कारकों की पृष्ठभूमि में वैश्विक आर्थिक विकास भी मध्यम अवधि में धीमा होना तय है। पिछले दो दशक में, भारत ने अत्यधिक गरीबी को घटाने में उल्लेखनीय प्रगति की है। फिर भी बाल कुपोषण उच्च स्तर पर बना हुआ है, पांच वर्ष से कम उम्र के 35.5 प्रतिशत बच्चे अविकसित हैं।
प्रमुख रोजगार संकेतकों में 2020 से सुधार हुआ है परंतु सृजित रोजगार की गुणवत्ता और पारिश्रमिक में वास्तविक वृद्धि पर चिंता बनी हुई है। ऐसे में वर्ष 2047 तक उच्च आय का दर्जा प्राप्त करने की भारत की आकांक्षा को विकास प्रक्रिया के जरिए पूरा करने की आवश्यकता होगी जो जनसंख्या के आधे निचले हिस्से तक व्यापक लाभ पहुंचाए।
विकासोन्मुख सुधारों को अच्छी नौकरियों में विस्तार का साथ चाहिए होगा जो श्रम बाजार में प्रवेश करने वालों की संख्या के साथ तालमेल बनाए रखे। इसके साथ ही, श्रम शक्ति में और महिलाओं को आगे लाकर आर्थिक भागीदारी में कमी के समाधान की आवश्यकता होगी। समावेशी विकास के जरिए देश के लोगों के लिए बेहतर भविष्य सृजित करने के लिए नीतियों, संस्थानों एवं निवेश वृद्धि को मजबूत बनाना होगा।
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