बरेली: सीएचसी और पीएचसी पर भी भर्ती किए जाएं मरीज- डिप्टी सीएम
बरेली, अमृत विचार। डिप्टी सीएम व स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों के इलाज के साथ जरूरत होने पर उन्हें भर्ती भी किया जाए ताकि जिला अस्पताल पर दबाव कम हो।
सीएमओ और सीएमएस सिर्फ कागजों पर साइन करने भर की जिम्मेदारी न निभाएं बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं को इतना बेहतर करें कि सरकारी अस्पतालों से किसी मरीज के निजी अस्पताल में जाने की नौबत न आए।
डिप्टी सीएम ने रोहिलखंड मेडिकल कॉलेज के सभागार में मंडलस्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि सरकार ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों की समुचित चिकित्सा की पूरी व्यवस्था की है। इसलिए लोगों को वहां पर्याप्त सुविधाएं मिलनी चाहिए लेकिन इसके बावजूद शिकायतें आती हैं।
उन्होंने कहा कि सीएमओ और सीएमएस दफ्तरों से निकलकर नियमित चेकिंग करें ताकि ये शिकायतें खत्म हों। उन्होंने एंबुलेंस में लोगों के धक्का लगाने, बीच रास्ते में खड़े हो जाने और मरीजों को देर से लेने पहुंचने की शिकायतों पर भी चिंता जताई। कहा, सीएमओ ऐसी घटनाओं को रोके और ठेकेदार के भरोसे रहने के बजाय लगातार एंबुलेंस सेवा की पड़ताल करते रहें। गाड़ियों की फिटनेस का भी खुद ख्याल रखें।
समीक्षा बैठक के दौरान डिप्टी सीएम ने चारों जिलों के सीएमओ और सीएमएस से चारों जिलों में सर्जन और विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या की जानकारी ली। कहा, सरकारी अस्पतालों में अच्छी सुविधाएं उपलब्ध हैं, सीएमओ और सीएमएस इनका लाभ मरीजों को दिलाना सुनिश्चित करें।
यह भी सुनिश्चित करें कि सरकारी अस्पतालों में बाहर से कोई दवा नहीं खरीदी जाए। उन्होंने मंडल में सरकारी मेडिकल कॉलेजों के निर्माण की भी जानकारी ली। पीलीभीत और शाहजहांपुर में मेडिकल कॉलेज का काम रुका होने की जानकारी पर ठेकेदार को बुलाकर बात करने को कहा।
हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर कमियां दूर कराएं बाहर की दवा लिखी तो डॉक्टर की खैर नहीं
डिप्टी सीएम ने सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह को निर्देश दिए कि जिले के सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों में मरीजों को त्वरित इलाज दिया जाए। जिन सेंटरों पर उपकरण न होने से इलाज प्रभावित हो रहा है, वहां फौरन उपकरण भेजे जाएं।
उन्होंने सभी अधिकारियों को आगाह किया कि सरकारी अस्पतालों में मरीज बाहर की दवा लिखने की शिकायतें करते रहते हैं। इस पर सख्ती से रोक लगाई जाए। सभी अस्पतालों और वेलनेस सेंटरों पर सरकारी दवा ही दी जाए। बाहर की दवा लिखने वाले डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बोले, लापरवाह और ड्यूटी न करने वाले डॉक्टरों की भी सूची तैयार कर भेजें। उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।
लंबे समय से गैरहाजिर 27 सौ डॉक्टर बर्खास्त होंगे
उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने मीडिया से भी संक्षिप्त बातचीत की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के तमाम जिलों में 27 सौ ऐसे डॉक्टर चिह्नित किए गए हैं जो ड्यूटी पर नहीं आ रहे हैं। उन्हें अंतिम नोटिस देकर बर्खास्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। डॉक्टरों को निर्देश दिया है कि मरीज को स्वस्थ करके घर भेजने को अपनी प्राथमिकता में शामिल करें। उन्होंने कहा कि मलेरिया और डेंगू के मरीज बढ़ रहे हैं लेकिन हालात पूरी तरह नियंत्रण में है। सभी अस्पतालों को जांच का दायरा बढ़ाने के भी निर्देश दिए गए हैं।
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