सुलतानपुर डॉक्टर हत्याकांड : 50 हजार के इनामी अजय और ड्राइवर को जेल
सुलतानपुर, अमृत विचार। संविदा चिकित्सक डा. घनश्याम तिवारी की निर्मम हत्या करने के मामले में नरायनपुर निवासी 50 हजार के इनामी मुख्य आरोपित अजय नारायण सिंह और उसके ड्राइवर दीपक सिंह को पुलिस रिमांड में मंगलवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में पेश किया गया। सीजेएम सपना त्रिपाठी ने रिमांड मंजूर कर दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया।
शहर के पयागीपुर चौराहे से सोमवार की शाम पुलिस ने अजय नारायण सिंह व उसके मायंग धनपतगंज निवसी ड्राइवर दीपक सिंह को उपनिरीक्षक मृदुल मयंक पांडेय, उपनिरीक्षक मुकेश व कांस्टेबल शुभम पाठक ने पयागीपुर पर मूंगफली के ठेले के पास से गिरफ्तार किया था। अजय नारायण सिंह के कब्जे से पुलिस ने काली पर्स में पांच हजार रुपए नकद, पैन कार्ड व आधार कार्ड बरामद किया। वहीं, दीपक सिंह के कब्जे से 500 रुपए बरामद किया। आरोपितों को लेकर प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर श्रीराम पांडेय साथी पुलिस कर्मियों के साथ मंगलवार की शाम कोर्ट पहुंचे। सीजेएम ने आरोपी अजय के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट और कुर्की की नोटिस जारी किया था। मामले में मुख्य आरोपी के पिता जगदीश नारायण व चचेरे भाई विजय नारायण को पुलिस गिरफ्तार कर पहले ही जेल भेज चुकी है।
गौरतलब हो कि कोतवाली नगर के शास्त्री नगर में बीते 23 सितंबर की देर शाम जयसिंहपुर सीएचसी पर तैनात संविदा चिकित्सक डॉ. घनश्याम तिवारी ड्यूटी से नगर के शास्त्री नगर स्थित किराये के मकान में घर वापस लौट रहे थे। आरोपियों ने उन्हें बुलाकर टॉर्चर किया और मार पीटकर मरणासन्न कर ई-रिक्शे पर लादकर घर भेज दिया। गंभीर रूप से घायल चिकित्सक को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। पुलिस ने मृतक की पत्नी की तहरीर पर नरायनपुर के अजय नारायण सिंह व दो अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
बाद में दूसरी तहरीर के आधार पर आरोपियों के नाम बढ़ाए गए। जिसमें अजय के चचेरे भाई विजय नारायण को भी जेल भेजा गया था। अजय और उसके ड्राइवर दीपक सिंह को पुलिस ने सोमवार को नाटकीय ढंग से गिरफ्तार किया था। जिनका मेडिकल कराने के बाद मंगलवार को सीजेएम कोर्ट में रिमांड के लिए पेश किया गया, जहां से आरोपी अजय और दीपक को 23 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में जेल में दिया गया।
आरोपियों का फिर से मेडिकल कराने की मांग
सोमवार को गिरफ्तार आरोपी अजय नारायण और उसके ड्राइवर दीपक सिंह का मंगलवार को पुलिस ने जिला अस्पताल में मेडिकल कराया। रिपोर्ट में कोई चोट खरोंच का उल्लेख नहीं है। उधर, आरोपी के वकील अरविंद सिंह राजा ने कोर्ट में अर्जी देकर कहा कि पुलिस ने थाने में दोनों आरोपियों को टॉर्चर किया है, जिनको चोटें आई हैं। मेडिकल रिपोर्ट पुलिस के प्रभाव में गलत बनवाई गई है, जिस कारण आरोपियों का फिर से मेडिकल बोर्ड के सामने परीक्षण होना आवश्यक है। इस पर मृतक डॉक्टर की पत्नी निशा तिवारी के वकील संतोष पांडेय ने आपत्ति जताई और कहा कि मेडिकल रिपोर्ट बिल्कुल सही है और फिर से परीक्षण कराने की जरूरत नहीं है। कोर्ट ने जेल अधीक्षक को अजय नारायण सिंह व दीपक सिंह दोनों का जेल में नियमानुसार मेडिकल कराने का आदेश दिया है।
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