पीलीभीत: निगरानी के सख्त इंतजाम फिर भी 36 जगह जली पराली..जानिए क्या हुई कार्रवाई?
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पीलीभीत, अमृत विचार। खेत में पराली न जलाई जाए, इसे लेकर प्रशासन मुस्तैदी से जुटा हुआ है। लेकिन इसके बाद भी पराली जला दी जा रही है। सेटेलाइट से 36 घटनाएं अब तक सामने आ चुकी है। इसके बाद 70 हजार रुपये का जुर्माना वसूलकर चेतावनी दी गई है।
बता दें कि पराली जलाने पर प्रतिबंध है। इसे लेकर लगातार निगरानी कराई जा रही है। जागरुकता के लिए गांव-गांव अफसर गोष्ठी भी कर रहे हैं। कार्रवाई की चेतावनी भी दी जा रही है। मगर इन सब हिदायतों के बाद भी पूरनपुर, बीसलपुर और शहरी क्षेत्र के आसपास कृषि विभाग के पास सेटेलाइट की मदद से 32 बुलेटिन पहुंची थी। जहां टीम को दौड़ाया गया, तो मौके पर 36 पराली की घटनाएं सामने आई। छह घटनाओं के साक्ष्य नहीं मिले। जबकि 26 स्थानों पर खेत में पराली जलती मिली।
चार घटनाएं शाहजहांपुर क्षेत्र की पाई गई और दो घटनाएं कूड़ा जलाने संबधित निकली। पराली जलाने वाले किसानों पर 82500 रुपये का आर्थिक दंड लगाया गया था। जिसमें 70 हजार रुपये की वसूली की जा चुकी है। उप कृषि निदेशक संतोष कुमार सविता ने बताया कि जिले में करीब 350 मीट्रिक टन पराली गौशाला पर भिजवाई जा चुकी है।
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