OMG! देवताओं को 35 साल में भी नहीं मिला इंसाफ, 4 लोगों पर दर्ज कराया था केस, काट रहे कोर्ट के चक्कर
भोजपुर। अगर किसी भी इंसान को परेशानी, दुख तकलीफ होती है तो वह सबसे पहले भगवान को याद करता है, और जो भी उसने गुनाह या गलती की हैं उनकी माफी मांगता है, लेकिन बिहार के आरा में हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जहां भगवान ने खुद ही इंसान पर मामला दर्द कराया है और न्याय की अपील की है। जानकर आप हैरान तो होंगे ही, लेकिन ये मामला 1988 से शुरू हुआ था, उसके बाद 1989, 2019 और 2023 में भगवान ने मामला दर्ज कराया है।
आपको बता दें, ये मामला करीब 35 साल से चल रहा है और आरोपियों को कोर्ट के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इन आरोपियों पर बड़ी मठिया में मौजूद हनुमान जी, ठाकुर जी और अन्य देवताओं के नाम से मुकदमा दर्ज किया गया है।
आखिर क्या है मामला?
जिन चार इंसानों पर भगवान ने केस किया है, वह आज भी आरा सिविल कोर्ट में तारीख पर जाते हैं। पहला मुकदमा केस संख्या (4/23) पुष्पा देवी के नाम से है। पुष्पा देवी पर जीमन और महंत के दावेदारी का मुकदमा है। दूसरा केस (11/19) नारायण शर्मा, तीसरा केस (297/89) योगिंदर सिंह और चौथा मुकदमा (18/88) अयोध्या मिस्त्री उर्फ सुपन मिस्त्री पर किया गया है। इन चारों पर दुकान दखल व किराया नहीं देने का मुकदमा दर्ज कराया गया है।
आपको बता दें, यह मुदकमा बड़ी मठिया के तत्कालीन महंत राम किंकर दास के द्वारा कराया गया था। राम किंकर दास ने पहली पार्टी बड़ी मठिया में मौजूद हनुमान जी और ठाकुर जी को बनाया है।
वहीं आरोपियों का कहना है कि जब हमारे पास कोर्ट का नोटिस आया तो हम हैरान रह गए कि किसी परेशानी में हम सीधा भगवान को याद करते हैं या उनके मंदिर जाते हैं अपनी गुनाहों और गलतियों की माफी मांगते हैं, लेकिन भगवान ने हमारे ही खिलाफ केस दायर कर दिया, लेकिन बाद में पता चला कि इस मठिया में पहले महंत हुआ करते थे, राम किंकर ने भगवान के नाम से केस दर्ज कराया है।
सिविल कोर्ट के अधिवक्ता ने इस मामले में कहा कि विश्वास होना बहुत मुश्किल है, लेकिन यह सच भी है। कहा कि हमारे संविधान में ये सम्भव है कि भगवान के नाम पर उनके सेवक या पुजारी मामला दर्ज करा सकते हैं, उसी के हिसाब से ये मामला भी दर्ज कराया है।
यह भी पढ़ें- Viral News : 'आप ज्यादा सुंदर हैं...', जॉब इंटरव्यू में रिजेक्ट हुई लड़की का छलका दर्द, लोग बोले- घटिया बात
