कासगंज: सात मदरसों ने किया सरेंडर, पांच को नोटिस...मची खलबली
बिना मानक पूरे किए ही किया जा रहा था संचालन
कासगंज, अमृत विचार। बिना मानकों के मदरसों का संचालन करना संचालकों के महंगा साबित हुआ है। जांच में अनियमित्ता पाए जाने के बाद सात मदरसों ने सरेंडर कर दिया है। जबकि पांच और मदरसों में नोटिस जारी कर दिए गए है। इन सभी 12 मदरसों में फिलहाल ताले पड़े हुए है। इस कार्यवाही में जिले भर में खलबली मची हुई है।
कासगंज जिले में कुल 97 मदरसे है। मदरसों की गतविधियों और इनके संचालन पर प्रशासन की नजर रहती है। समय समय पर मानकों की जांच की जाती है, लेकिन कई बार मानक पूरे नहीं मिलते। ऐसा ही अब हुआ है। जब कई मदरसों में मानक पूरे नहीं है तो बड़ी कार्यवाही हो गई है। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की ओर से की गई जांच में अनियमित्ता सामने आई तो पिछले ही दिनों कागज देखे गए। सात मदरसों के संचालकों ने स्वत: ही मदरसा संचालन करने में असमर्थता जताते हुए सरेंडर कर दिया है और दस्तावेज पूरे नहीं बताए है।
इसके अलावा पांच और मदरसों में अनियमित्ता सामने आयी है। इनके भी मानक पूरे नहीं मिल रहे है। इन पांचों को भी नोटिस दिया गया है। इन कुल 12 मदरसों का संचालन फिलहाल बंद है। जिले में अब कुल 85 मदरसे संचालित हो रहे है। इन 85 मदरसों की भी अल्पसंख्यक विभाग बिंदुबार जांच कर रहा है। स्पष्ट किया गया है कि जहां भी अनियमित्ता मिलेगी वहां मदरसों के संचालन पर रोक लगा दी जाएगी। फिलहाल जो भी हो, लेकिन मदरसों पर यह कार्यवाही जिले में चर्चा का विषय बनी है।
सात मदरसों ने स्वत: सरेंडर कर दिया। पांच मदरसों को नोटिस दिए गए है। कुल 12 मदरसे कार्यवाही के दायरे में आए है--- शालनी रंजन, जिला अल्पसंख्यक अधिकारी।
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