रुद्रपुर: इंस्टाग्राम पर डाली वीडियो पड़ी महंगी, फुटेज से हुआ मिलान
मनोज आर्या, रुद्रपुर, अमृत विचार। थाना ट्रांजिट कैंप पुलिस द्वारा चोरी की बरामद सोलह बाइकों के साथ पकड़े गए आरोपियों में से एक मुख्य आरोपी धर्मपाल को इंस्टाग्राम पर वीडियो बनाकर डालना महंगा पड़ गया। जिसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेजों से सरगना का मिलान किया तो इंस्टाग्राम पर सरगना के स्थाई पत्ते की जानकारी हुई और पुलिस ने तस्दीक करते हुए पूरे गैंग को दबोच लिया।
थानाध्यक्ष सुंदरम शर्मा ने बताया कि इंस्टाग्राम पर मुख्य आरोपी धर्मपाल हाथ में बेसबॉल लेकर रील बनाते हुए बोल रहा था कि गोली चले और बात हमारे हक में न हो। गांव के बालक हैं मेरे लाल। जवान चढ़े और मुकदमा न हो। इस रील से साफ जाहिर हो रहा था कि धर्मपाल अपना गैंग बनाकर सरगना बनने की फिराक में था।
जब पुलिस की एक टीम आरोपी के स्थाई पते पीलीभीत पहुंची तो पता चला कि सरगना एक शातिर प्रवृत्ति का है और वर्ष 2020 से लगातार चोरी व वर्ष 2022 में थाना सुनगढ़ी पीलीभीत में पुलिस टीम पर गोली चलाने के आरोप में जेल की हवा खा चुका है।
साथ ही पता चला कि आरोपी ने अपने ही पीलीभीत इलाके के रहने वाले युवकों को अपनी गैंग में जोड़ा और बाइक चोरी से अपराध की दुनिया में कदम रखने की प्लानिंग की। ताकि गैंग का सरगना बन सके। पूछताछ में आरोपियों ने भी अपना इकबालिया बयान दिया कि वह थाना ट्रांजिट कैंप ब्लॉक में किराए के मकान में रहकर बाइक चुराते थे और यूपी हरियाणा जाकर उसे बेचकर पैसा इकट्ठा कर रहे थे। कारण गैंग चलाने व सरगना बनने के लिए पैसों की आवश्यकता होती है। पुख्ता जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगालना शुरू कर दिया है।
थाना ट्रांजिट कैंप में ही धर्मपाल पर हैं चार मुकदमे
रुद्रपुर। बाइक चोर गिरोह का सरगना धर्मपाल इससे पहले भी सुर्खियों में आ चुका है। वर्ष 2020 में उसने बाइक चोरी की सबसे पहले वारदात थाना ट्रांजिट कैंप से शुरू की थी। इसकी कारण थाना ट्रांजिट कैंप में ही आरोपी पर चार चोरी के मुकदमे पंजीकृत हैं। इसके अलावा अंटागोटिया पीलीभीत में एक, किच्छा कोतवाली में एक, पुलिस पर गोली चलाने में सुनगढ़ी पीलीभीत में मुकदमा पंजीकृत है। वहीं मुकेश और अरुण पर पोक्सो के तहत एक-एक मुकदमा पंजीकृत है। इसके बाद भी पुलिस उनका आपराधिक इतिहास खंगालने की कोशिश कर रही है।
जगह-जगह बदलकर चुराते थे बाइक
रुद्रपुर। अंतरराज्यीय बाइक चोर गिरोह का सरगना धर्मपाल इतना शातिर है कि कभी भी बाइक चोरी की वारदातों को एक थाना या कोतवाली इलाके में नहीं देता था। उसका मकसद हमेशा यह होता था कि कुछ दिन अलग-अलग स्थानों पर जाकर बाइकों को चुराया जाए और मौका पाकर एक से दूसरे प्रदेशों की चुराई गई बाइकों को अलग-अलग प्रदेशों में जाकर बेचा जाए। यहीं कारण है कि बरामद चोरी की बाइक बरेली, पीलीभीत, काशीपुर,किच्छा व रुद्रपुर इलाके की है और अक्सर गैंग बरेली, पीलीभीत, हरियाणा व यूपी ले जाकर बाइकों को बेचता था।
