चंद्रग्रहण : सूतक लगने से पहले मंदिरों के कपाट बंद, दर्शन-पूजन पर लगी पाबंदी
प्रयागराज, अमृत विचार। शनिवार को लगने वाला चंद्र ग्रहण भारत में भी दिखेगा। यहां इसका सूतक काल भी पूर्ण रूप से माना गया है। चंद्र ग्रहण का सूतक काल शनिवार शाम चार बजे से लग गया। सूतक काल के दौरान किसी भी तरह के शुभ कार्य नहीं किया गया। मंदिरो के कपाट बंद कर दिये गये। दर्शन और पूजन के लिए लोग अब सुबह होने का इंतजार करेंगे।
शनिवार को शहर के प्रमुख मंदिरों श्री बड़े हनुमानजी, कल्याणी देवी, अलोप शंकरी देवी मंदिर, ललिता देवी सहित हनुमत निकेतन, मनकामेश्वर, पड़िला महादेव, बरुआ बाबा, समया देवी आदि मंदिरों समय से पहले आरती पूजन किया गया। इसके बाद कपाट बंद हो गए। श्रद्धालु मंदिर के बाहर बैठकर कीर्तन और भजन करते रहे।
पंडित दिवाकर मिश्रा ने बताया कि इस चंद्रग्रहण का स्पर्श शनिवार की रात में 1 बजकर 25 मिनट से होगा। मध्य रात में 1 बजकर 44 मिनट पर होगा और इसका मोक्ष रात्रि 2 बजकर 24 मिनट पर होगा। देर रात ग्रहण के बाद सुबह पांच बजे के बाद ही मंदिरों में पूजन होगा।
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