हल्द्वानी: कोरोना काल में भी जमकर बिके घर और जमीन
हल्द्वानी, अमृत विचार। कोरोना काल में स्टांप और निबंधन विभाग की आय में कमी नहीं आई। ये गत सालों की अपेक्षा ज्यादा दर्ज हुई। कोरोना काल बीतने के बाद तो राजस्व अर्जन में पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए गए।
राज्य गठन के बाद उत्तराखंड में जमीन और भवनों के मूल्यों में बढ़ोत्तरी हुई। पिछला वेतनमान लागू होने के बाद अचल संपत्तियों के भाव और ज्यादा बढ़ गए। राज्य सरकार को होने वाली आय में अचल संपत्ति को बेचने के एवज में लगने वाली स्टांप ड्यूटी की आय का बहुत बड़ा हिस्सा होता है।
साल 2013-14 में स्टांप और निबंधन विभाग को 686.60 करोड़ की आय हुई। जो साल हर साल बढ़ती चली गई। साल 2018-19 में विभाग को करीब 10.71 अरब रुपये की आय हुई। साल 2020 से 2022 के आरंभ तक कोरोना काल चला और राज्य की जनता ने कोरोना की तीन लहरें देखीं। कोरोना के दौरान जहां जहां अन्य क्षेत्रों में गतिविधियां कम थीं लेकिन अचल संपत्ति के बेचने के मामले में कोई विशेष कमी नहीं आई थी।
साल 2020-21 से लेकर साल 2021-22 तक लगातार स्टांप और निबंधन विभाग की आय में बढ़ोत्तरी होती रही। बीते वित्तीय वर्ष में जब कोरोना की लहर का साया पूरी तरह से खत्म हो गया तो विभाग को 14 अरब से ज्यादा कमाई हो गई।
स्टांप और निबंधन विभाग को हुई आय
वित्तीय वर्ष हुई आय करोड़ में
2013-14 686.60
2014-15 713.78
2015-16 872.17
2016-17 779.0
2017-18 860.1
2018-19 1035.3
2019-20 1071.4
2020-21 1107.4
2021-22 1487.8
2022-23 1454.0
स्रोत-सांख्यिकी उत्तराखंड
सर्किल रेट में भी हुई बढ़ोत्तरी
हल्द्वानी। सरकार ने जमीनों के सर्किल रेट में बढ़ोत्तरी की है। सरकार का कहना है कि इससे बिचौलियों की भूमिका में कमी आएगी। हालांकि आम जन का कहना है कि इससे राज्य में जमीन और मकान खरीदना महंगा हो जाएगा। सर्किल रेट बढ़ने की वजह से स्टांप ड्यूटी में भी बढ़ोत्तरी हुई है।
