खीरी के युवक की रामपुर में हत्या के मामले में सुनाई सजा, दो को उम्रकैद
युवक को मजदूरी कराने के बहाने लखीमपुर से हरिद्वार लेकर जा रहे थे युवक
रामपुर, अमृत विचार। लखीमपुर के युवक की रामपुर लाकर हत्या कर दी। हत्या के मामले में स्पेशल जज एससी-एसटी की कोर्ट ने शुक्रवार को लखीमपुर खीरी निवासी दो दोषियों को आजीवन कारावास और प्रत्येक पर 10 हजार का जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है।
मामला 15 जून 2011 का है। लखीमपुर खीरी के थाना मोहम्मदी के मोहल्ला बाजारगंज निवासी माखनलाल ने 156 के तहत कोर्ट के माध्यम से मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें आरोप लगाया था कि मोहम्मदी के मोहल्ला बाजार गंज निवासी अशोक कुमार, पकरिया निवासी अनामिका और मोहल्ला बाजार गंज निवासी अशोक कुमार यादव 15 जून 2011 को उसके घर पर आए थे।
उसके बेटे बृजेश कुमार को हरिद्वार में नौकरी कराने के बहाने ले गए थे। 16 जून 2011 को मेरे बेटे अरविंद के पास फोन आया कि उसका भाई बृजेश बीमार हो गया है। उसकी हालत गंभीर है जबकि कुछ देर के बाद फोन आया कि वह पागल हो गया, उसी के कुछ समय के बाद आरोपियों ने बताया कि बृजेश की मौत हो गई है।
रामपुर में सड़क किनारे बैठे हैं, उसके बाद पिता-पुत्र बृजेश के शव को वाहन से घर ले गए थे। घर जाकर जब उसके शरीर से कपड़े उतारे गए, तो चोट के निशान देखकर उसके होश उड़ गए थे। पीड़ित ने अशोक कुमार, अशोक कुमार यादव और अनामिका के ऊपर एक राय होकर उसके बेटे की हत्या करने का आरोप लगाया था।
मामले की सुनवाई स्पेशल जज एससी-एसटी की कोर्ट में चल रही थी। वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी ओमप्रकाश पांडेय ने बताया कि आरोपी अशोक कुमार और अशोक कुमार यादव को हत्या के मामले में आजीवन कारावास और प्रत्येक पर 10-10 हजार का जुर्माना लगाया है।
साक्ष्य के अभाव में महिला बरी
इस मामले में कोर्ट में लगभग 10 साल सुनवाई चली। जिसमें नौ सितंबर 2013 को अनुसूचित जाति और अनुसूचित जन जाति का भी आरोप पत्र दाखिल किए गए थे, लेकिन महिला अनामिका के खिलाफ मजबूत साक्ष्य नहीं मिलने के कारण उसको कोर्ट ने बरी कर दिया है।
अधिकारियों से शिकायत के बाद भी नहीं दर्ज हुई थी रिपोर्ट
मृतक बृजेश के पिता माखनलाल ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए काफी समय तक अधिकारियों के चक्कर काटे थे, लेकिन उसके बाद भी रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी थी। जिसके बाद पीड़ित ने कोर्ट की शरण ली थी। कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज हुई थी।
लखीमपुर खीरी से ट्रांसर्फर होकर आई थी जांच
वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी ओमप्रकाश पांडेय ने बताया कि इस मामले मुकदमा लखीमपुर खीरी में दर्ज हुआ था। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि मामला रामपुर का है। उसके बाद जांच को रामपुर भेज दिया गया था। इस मामले की जांच रामपुर में भी हुई थी।
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