अल्मोड़ा: Ambulance के अंदर मिले 16 कट्टे , ड्राइवर बोला मरीज लेटा है...खोला तो...

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Edited By Amrit Vichar
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अल्मोड़ा, अमृत विचार। एंबुलेंस को को जीवनदायिनी वाहन माना जाता है। हूटर बजाती एंबुलेंस को हर कोई तुरंत रास्ता देता है ताकि समय रहते मरीज को इलाज मिल जाए मगर यहां तो एंबुलेंस के जरिए बड़े-बड़े खेल हो रहे हैं। ऐसा ही मामला एक भतरौंजखान का सामने आया है जहां एंबुलेंस में 218 किलो गांजा बरामद हुआ है।

एक एनजीओ के माध्यम से पौड़ी में संचालित इस एंबुलेंस के ड्राइवर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसका सहायक फरार है। हूटर बजाते रफ्तार भरी एक एंबुलेंस सोमवार देर शाम भागी जा रही थी तभी भतरौंजखान के एसओ मदन मोहन जोशी ने रात के वक्त पहाड़ के रास्ते पर संभालकर चलने की हिदायत देने के लिए एंबुलेंस को रोका तो बातचीत के दौरान पुलिस को ड्राइवर और उसके सहायक पर शक हुआ। 

एंबुलेंस में कोई मरीज और तीमादार न देखकर उनका शक और गहरा गया। पूछताछ पर चालक ने मरीज लेकर रामनगर जाने की बात कही। गाड़ी की तलाशी लेने की बात कहते ही ड्राइवर का सहायक घबरा गए। खैर पुलिस की सजगता ही कहा जाएगा जैसे ही एंबुलेंस की पड़ताल की गई तो ड्राइवर ने बेड पर मरीज होने की बात कही। पुलिस कर्मियों ने खिड़की से झांककर देखा तो मामला संदिग्ध लगा। छानबीन की तो मरीज की जगह बेड पर कट्टे रखे हुए मिले। शुरुआत में आरोपी ने कट्टे में सब्जियां होने की बात कही। पुलिस ने जब खोलकर देखा तो सब्जी के लिए प्रयोग होने वाले 16 कट्टों में 218 किलो गांजा बरामद हुआ।

पूछताछ में चालक ने अपना नाम रोशन लाल पुत्र चमन लाल (38) जबकि मौका देखबर सहायक फरार हो गया, फरार हुए इस व्यक्ति का नाम धर्मेन्द्र पुत्र राजेन्द्र निवासी ग्राम स्युन्सी थाना थलीसैंण जिला पौड़ी गढ़वाल बताया जा रहा है। चालक ने बताया कि यह एंबुलेंस ब्लॉक बीरोंखाल पौड़ी के लिए एनजीओ के माध्यम से अधिकृत है। मौके पर पहुंचे सीओ रानीखेत तिलक राम वर्मा की देखरेख में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जुटी है। 

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