हल्द्वानी: पार्थ की हत्या में उसके तीन साथियों पर मुकदमा दर्ज

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Edited By Amrit Vichar
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हल्द्वानी, अमृत विचार। एलएलबी छात्र पार्थ की हत्या के मामले में पुलिस ने उसके साथियों के ऊपर हत्या में शामिल होने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पार्थ अचेत अवस्था में अपनी कार में मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद जांच का एंगल हत्या की ओर चला गया है।

बच्ची नगर नंबर एक लामाचौड़ निवासी राजेंद्र सिंह सामंत ने पुलिस को दी तहरीर में कहा कि वह सीडीओ कार्यालय चंपावत में कार्यरत हैं। उनका बेटा पार्थ सिंह सामंत उम्र 22 साल एलएलबी का छात्र है। बताया कि बीती एक नवंबर को राजेंद्र सिंह चंपावत में अपने कार्यालय में थे।

दिन में करीब 2.15 बजे उनकी पत्नी गीता सामंत का फोन आया कि पार्थ आरके टेंट हाउस वाली सड़क के पास कार में बेहोश पड़ा है। जब तक वह हल्द्वानी पहुंचे तब तक पार्थ के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया था। कहा कि 31 अक्तूबर रात नौ बजे पार्थ घर से फोन ठीक कराने की बात कहकर निकला था। काफी देर तक पार्थ जब घर नहीं पहुंचा तब उसकी मां ने पार्थ की मित्र आकांक्षा बडवाल को बताया। आकांक्षा और पार्थ की मां ने उसे बहुत ढूंढा लेकिन वह नहीं मिला। एक नवंबर को दिन करीब 12 बजे पार्थ आरके टेंट हाउस रोड वृंदा विहार के पास खाली प्लॉट में अपनी कार के अंदर अचेत मिला।

अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पार्थ के पिता का कहना है कि उसके नाक, होंठ, चेहरे और गर्दन के पास चोट के निशान थे। राजेंद्र सामंत ने पार्थ के मित्रों सिद्धार्थ निवासी भूमिया विहार, कुसुमखेड़ा, मयंक कन्याल निवासी आरके टेंट हाउस रोड और कमल रावत निवासी धानमिल डहरिया के ऊपर हत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर तीनों आरोपियों के ऊपर हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद चौंकी पुलिस
हल्द्वानी। पार्थ के शव का पोस्टमार्टम एक नवंबर को किया गया था। रिपोर्ट के बाद पता चला कि पार्थ की मौत की वजह मुंह दबाना या फिर गला घोंटना है। जिस वजह से पार्थ के शरीर में खून का प्रवाह रूक गया था। इसी वजह से पार्थ के गले और छाती की नसें भी नीली पड़ीं थीं। पुलिस ने पहले मामले को हल्के में लिया था जबकि परिवार वाले जब पार्थ को लेकर अस्पताल ले गए थे तब उसका चेहरा काला पड़ गया था और छाती व गले की नसें नीली दिखाई दे रहीं थीं। शुरू में पुलिस मामले को सुसाइड या बीमारी से मौत मान रही थी लेकिन जब पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आई तो पुलिस ने जांच को पूरी तरह से बदल दिया। 

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