बरेली: कृषि विधेयकों को लेकर कांग्रेस ने किया प्रदर्शन

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बरेली,अमृत विचार। कृषि विधेयकों को लेकर कांग्रेस यूथ ने सोमवार को सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर विधेयकों को वापस लेने की मांग की। यूथ कांग्रेस के प्रदेश सचिव के नेतृत्व में राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एसीएम दितीय को सौंपा। कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता जिया उर रहमान ने बताया कि केंद्र की भाजापा सरकार द्वारा …

बरेली,अमृत विचार। कृषि विधेयकों को लेकर कांग्रेस यूथ ने सोमवार को सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर विधेयकों को वापस लेने की मांग की। यूथ कांग्रेस के प्रदेश सचिव के नेतृत्व में राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एसीएम दितीय को सौंपा।

कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता जिया उर रहमान ने बताया कि केंद्र की भाजापा सरकार द्वारा कृषि सुधार के नाम पर लाए गए किसान विरोधी विधेयक के खिलाफ सोमवार को कांग्रेस यूथ कार्यकर्ताओं ने कचहरी पर स्टेट बैंक के पास जमा होकर नारेबाजी करते हुए जिला मुख्यालय पहुंचे।

प्रदेश यूथ कांग्रेस के प्रदेश सचिव जुनैद हसन एडवोकेट ने बिल को किसान विरोधी विधेयक बताते हुए कहा कि बिल में कई खामियां हैं। भाजपा की केंद्र व प्रदेश की सरकार किसानों को धोखा दे रही हैं। जिला कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग के जिला अध्यक्ष दीपक बाल्मीकि ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा सुधार के नाम पर लाए गए तीनों विधेयक वास्तव में किसानों, छोटे व मध्यम व्यापारियों एवं उपभोक्ताओं के हितों के विपरीत हैं।

इस मौके पर राजेंद्र सागर,जिला सचिव साहिब सिंह, जिला महासचिव हरीश गंगवार ,जिला सचिव पाकीजा खान, कुशल पाल गुर्जर, गौरव सिंह, शुभम, अरविंद गौड़, रोहित खान,जीत सिंह, पीलू सिंह, छोटू सिंह, करने सिंह समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

भारतीय किसान यूनियन ने विधेयकों को बताया किसान विरोधी
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष गजेंद्र सिंह की अगुवाई में सोमवार पूर्वान्ह 11:30 बजे कलक्ट्रेट पहुंचे कार्यकर्ताओं ने विधेयकों को वापस लेने और जनपद स्तरीय किसानों से जुड़ी समस्याओं पर भाजपा सरकार और सिस्टम को घेरा। इस दौरान प्रधानमंत्री को संबंधित ज्ञापन एसीएम को सौंपा। जिलाध्यक्ष गजेंद्र सिंह ने देश की खुशहाली का रास्ता किसान के खेत से होकर जाता है लेकिन किसान की भूमि को केंद्र सरकार पूंजीपतियों के हवाले करना चाहती हैं। किसान अपनी भूमि को जी जान से पूजता है। अन्न उगाकर देश का पेट पालने वाले अन्नदाताओं को तरह-तरह से दुखी किया जा रहा है। जो किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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