काशीपुर: एल-नीनो के प्रभाव से फरवरी माह में ही तापमान में बढ़ोतरी की संभावना
अर्शी खान, अमृत विचार, काशीपुर। नवंबर माह में एल-नीनो का प्रभाव देखने को मिल रहा है। जिसके कारण तापमान में दिन में गर्म और रात में ठंडा हो रहा है। दिन के अधिकतम और रात के न्यूनतम तापमान के बीच 13 डिग्री का अंतर चल रहा है। इससे रात और अलसुबह तो गर्म कपड़े पहनने की मजबूरी है, लेकिन दिन में गर्मी से हाल बेहाल है। मौसम विज्ञानियों की मानें तो वर्तमान समय में सामान्यतया अधिकतम और न्यूनतम तापमान में अंतर सात-आठ डिग्री से ज्यादा नहीं होना चाहिए।
नवंबर के महीने से शुरू हुआ तापमान अभी भी वैसे ही बना हुआ है। तापमान 25-27 डिग्री से कम होने का नाम नहीं ले रहा। हालांकि बीच में बादलों के दस्तक देने से पारा में गिरावट आई थी, लेकिन एक दो दिन में ही फिर सामान्य हो गया। सोमवार को अधिकतम तापमान 26 और न्यूनतम 13 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। पंतनगर विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. आरके सिंह ने बताया कि नवंबर माह में दिन में भी गर्म होने का कारण एल- नीनो के प्रभाव को माना जा रहा है। उन्होंने बताया कि अक्टूबर में बारिश कम होने से नवंबर माह में मौसम शुष्क बना हुआ है। जोकि आने वाले माह में भी बने रहने की संभावना है। जिस कारण फरवरी माह के 15 तारीख के बाद से ही मौसम में बढ़ोत्तरी होने की संभावना है।
दिन में गर्म और रात में ठंडा बिगाड़ रहा सेहत का मिजाज
काशीपुर। नवंबर का आधा माह बीत चुका है, दिन की गर्मी लोगों को परेशान किए है, जबकि रात और सुबह ठंड लग रही है। मौसम का यह बदलाव लोगों की सेहत पर भारी पड़ रहा है। ठंडे-गर्म इस तापमान से लोगों को सर्दी, जुकाम व बुखार की शिकायत हो रही है। इस तरह के सरकारी अस्पताल में रोजाना लगभग 25-30 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे है। वही बच्चों की संख्या में भी बढ़ोत्तरी बनी हुई है।
नवंबर माह में दिन में मौसम गर्म होने से लोग पंखा व हाफ टी शर्ट पहने नजर आ रहे है, तो वही रात में सर्दी बढ़ने से लोग स्वेटर व जैकेट पहने हुए है। ठंडा-गर्म होने से लोगों को इस वायरल की चपेट में आ जा रहे है। जिससे उन्हे सर्दी, जुकाम व बुखार की शिकायत हो रही है।
शहर के एलडी भट्ट राजकीय चिकित्सालय में सर्दी जुकाम व बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या में इजाफा देखा गया है। चिकित्सकों को मानना है कि इस समय डेंगू का प्रकोप कम है, लेकिन मौसम में बदलाव से लोगों को सर्दी, जुकाम व बुखार की शिकायत आ रही है। जिससे इस बीमारी से ग्रसित करीब 25-30 मरीज रोजाना अस्पताल में इलाज के लिए पहुंच रहे है। वही मौसम का यह बदलाव बच्चों की सेहत को भी बिगाड़ रहा है।
सरकारी अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव पुनेठा ने बताया कि दिन में गर्म और रात में ठंडा होने से सर्दी, जुकाम व बुखार की शिकायत बच्चों को हो रही है। इस तरह के करीब 30-35 बच्चे रोज उनके पास आ रहे है। उन्होंने बच्चों को इस मौसम से बचाने के लिए बच्चों को दिन में भी हल्के गर्म कपड़े पहनाएं रखने और ठंडा पानी के सेवन न करने की सलाह दी है। उधर डॉ. अमरजीत साहनी ने बताया कि डेंगू का प्रकोप इस समय कम है। इस समय मौसम में बदलाव के कारण सर्दी, जुकाम वायरल से पीड़ित मरीज ही इलाज के लिए आ रहे है। उन्होंने बताया कि रोजाना 25-30 मरीज सर्दी, जुकाम के उनके पास आ रहे है।
