UP Police Recruitment: युवाओं को करना होगा अभी और इंतजार, जानें वजह
परीक्षा कराने को फिलहाल तैयार नहीं हुई है कोई एजेंसी, जून 2023 में 62 हजार पदों पर भर्ती की हुई थी घोषणा
राज्य ब्यूरो, लखनऊ, अमृत विचार। खाकी वर्दी पहनने की पांच माह से उम्मीद लगाए युवाओं को अभी थोड़ा और इंतजार करना पड़ेगा। दरअसल, इतना लंबा समय गुजरने का बाद भी परीक्षा कराने को अभी तक कोई एजेंसी तैयार नहीं हो पायी है। वैसे पुलिस भर्ती और प्रोन्नति बोर्ड के सूत्रों का कहना है कि कुछ एजेंसियों से बातचीत चल रही है। अगर सब कुछ ठीक रहा तो दिसम्बर के अंतिम सप्ताह तक भर्ती प्रक्रिया के लिए अधिसूचना जारी हो सकती है।
राज्य सरकार ने जून में पुलिस में 62,424 हजार पदों पर भर्ती निकाले जाने की घोषणा की थी। इसमें 52,699 पद सिपाही और 2469 पद दरोगा के हैं। इसके अलावा रेडियो संवर्ग के 2430 पद, लिपिक संवर्ग के 545 पद, कंप्यूटर ऑपरेटर के 927 पदों पर भर्ती होनी है। कहा गया था कि 15 जुलाई तक भर्ती का अधिसूचना (नोटिफिकेशन) जारी कर दिया जाएगा। लेकिन, नवम्बर का महीना भी पूरा हो रहा है, और अभी तक उस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं शुरू हो पायी है।
उप्र. पुलिस भर्ती व प्रोन्नति बोर्ड से जुड़े सूत्रों के मुताबिक फिलहाल अभी तक यह परीक्षा करवाने के लिए कोई एजेंसी नहीं तैयार हुई है। शुरुआत में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीटीएस) ने परीक्षा करवाने में रुचि दिखाई थी और आवेदन भी किया। लेकिन, इसके अलावा कोई दूसरी एजेंसी नहीं आयी। लिहाजा सिर्फ एकमात्र कंपनी के सामने आने के बाद विभाग ने इस निविदा को निरस्त कर दिया। जब दोबारा निविदा निकाली गई तो उस बार टीसीएस ने भी आवेदन नहीं किया। सूत्रों के अनुसार भर्ती बोर्ड एक बार फिर नए सिरे से परीक्षा कराने के लिए कई एजेंसियों से बातचीत कर रहा है।
माना जा रहा है कि अगर कोई एजेंसी तैयार हो गई तो दिसम्बर के अंतिम सप्ताह में अधिसूचना जारी कर भर्ती प्रक्रिया शुरू कराई जा सकती है। अन्यथा इंतजार का समय और बढ़ सकता है। सूत्रों का कहना है कि उप्र पुलिस की पिछली दरोगा भर्ती में नकल माफियाओं की सेंधमारी हो गई थी। इसी के चलते परीक्षा कराने वाली एजेंसियों की ओर से कोई रुचि नहीं दिखाई जा रही है।
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