बरेली: सड़क पर गड्ढे में स्कूटी जाने से उछल कर गिरी बीएड छात्रा, ट्रक ने रौंदा
बरेली/भुता, अमृत विचार। फरीदपुर-भुता रोड पर रिश्तेदारी से आ रहे भाई-बहन की स्कूटी का पहिया अचानक गड्ढे में चला गया, जिससे बहन उछलकर सड़क पर गिर गई। इस दौरान पीछे से आ रहे ट्रक ने बहन को कुचल दिया।
वहीं भाई गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने युवक को अस्पताल में भर्ती कराया। हादसे के बाद चालक फरार हो गया। फतेहगंज पूर्वी के गांव पड़ेरा निवासी बीएड की छात्रा रोशनी अपने भाई सचिन के साथ रिछा गांव में रिश्तेदारी में शादी समारोह में गईं थीं।
बुधवार को भाई-बहन स्कूटी से घर वापस आ रहे थे, तभी भुता फरीदपुर रोड पर फैजनगर गांव के पास बहगुल नदी के पुल के पास अचानक गड्ढा आ गया। जिसमें स्कूटी का पहिया चला गया। स्कूटी गड्ढे में जाने से रोशनी उछलकर दूर जा गिरी। इसी दौरान पीछे से आ रहे ट्रक ने रोशनी को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सचिन घायल हो गया।
रोशनी की मौत से पिता योगेन्द्र सिंह, मां और बहन भाइयों का रो रोककर बुरा हाल है। वह अपने परिवार में सबसे छोटी थी। हादसे के बाद चालक ट्रक छोड़कर भाग निकला। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में ले लिया है।
संवेदनहीन अफसर, जनप्रतिनिधि मौन, हो रहे हादसे
साहब यदि अधिकारी और जनप्रतिनिधि ध्यान देते तो शायद मेरी बिटिया बच जाती। मुख्यमंत्री ने गड्ढा भरवाने के लिए अफसरों को निर्देश दिए लेकिन सब लापरवाह बने रहे। जनप्रतिनिधि भी मौन साधे रहे।
उन्होंने तो अपनी बेटी खो दी है लेकिन कम से कम अब तो ये लोग नींद से जाग जाएं, ताकि किसी और के घर का चिराग न बुझे। ये बातें रोते हुए रोशनी के पिता योगेन्द्र ने कहीं। उन्होंने अधिकारियों लापरवाही पर भी आक्रोश जताया।
रोशनी के पिता ने कहा कि यदि सिस्टम ध्यान देता तो शायद हादसा न होता। पुलिस सड़क सुरक्षा के लिए तमाम अभियान चलाती है। चालान करती है, तो रोड में गड्ढों से हो रहे हादसों के खिलाफ भी कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने रोते हुए कहा कि पिछले पांच वर्ष से इस सड़क पर गड्ढे हैं। स्थानीय लोगों ने शिकायतें भी कीं। समाचार पत्रों में भी खबरें प्रकाशित हुईं, लेकिन अधिकारी और जनप्रतिनिधि उदासीन बने रहे।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपावली तक सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के निर्देश दिए थे, लेकिन बरेली के विभागीय अधिकारियों ने उनके आदेशों की भी धज्जियां उड़ा दीं। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से मांग की है कि जल्द से जल्द सड़कों को गड्ढा मुक्त किया जाए, जिससे किसी अन्य के घरों के चिराग न बुझे।
उन्होंने कहा कि क्या मेरी बेटी का ये दोष था कि वह टूटी सड़क पर भाई के साथ स्कूटी से जा रही थी। शायद इस सवाल का जवाब न तो जनप्रतिनिधियों के पास है और न ही अधिकारियों के पास। उन्होंने कहा कि यदि ध्यान न दिया गया तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।
शिक्षक बनना चाह रही थी रोशनी
योगेन्द्र सिंह के रिश्तेदार ने बताया कि रोशनी बीएड द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। रोशनी बीएड के बाद शिक्षक बनना चाह रही थी, लेकिन हादसे ने उसकी जिंदगी के साथ साथ माता- पिता के सपनों को भी तोड़ दिया।
घुमंतू पशु भी बन रहे हादसों का कारण
फरीदपुर भुता मार्ग पर सैकड़ों गड्ढे और आवारा पशुओं के कारण यहां अक्सर हादसे होते रहते हैं। फरीदपुर मार्ग पर टोल बचाने के लिए अकसर बड़े वाहन इस मार्ग से गुजरते हें, जिसकी शिकायत ग्रामीण प्रशासनिक अधिकारियों से कई बार कर चुके हैं।
ग्रामीणों की शिकायत पर अमृत विचार ने खबर को प्रकाशित भी किया था, लेकिन खबर को भी अफसरों ने अनदेखा कर दिया। जिसका नतीजा हादसा हुआ और युवती जान चली गई।
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