बरेली: अंदेशा..! बिजली कंट्रोल रूम के बराबर में शौचालय बना देने की वजह से लगी आग

महिला अस्पताल के नक्शे में नहीं था कंट्रोल रूम के बराबर शौचालय फिर भी पीडब्ल्यूडी ने करा दिया निर्माण, जांच में सामने आईं गड़बड़ियां, इलेक्ट्रिक ड्राइंग का अनुमोदन भी नहीं

बरेली: अंदेशा..! बिजली कंट्रोल रूम के बराबर में शौचालय बना देने की वजह से लगी आग

बरेली, अमृत विचार : जिला महिला अस्पताल के एसएनसीयू में आग लगने की घटना ने निर्माण में की गई कई बड़ी गड़बड़ियों को उजागर कर दिया है। एक तो महिला अस्पताल के भवन के नक्शे की अनदेखी कर बिजली कंट्रोल रूम के बराबर में ही शौचालय बना दिया गया, दूसरे इलेक्ट्रिक ड्राइंग का अनुमोदन भी विद्युत सुरक्षा विभाग से नहीं लिया गया।

अब तक की जांच के बाद अंदेशा है कि शौचालय की वजह से दीवारों में आई सीलन ही शॉर्ट सर्किट का कारण बनी और बड़ा हादसा होने से बच गया। महिला अस्पताल का भवन करीब पांच साल पहले बना था जिसके निर्माण की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी को दी गई थी जिसने यह काम जल आकाश नाम की फर्म से कराया था।

आग लगने की घटना की जांच कर रहे विद्युत सुरक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक किसी भी भवन में बिजली के कंट्रोल रूम के बराबर में शौचालय का निर्माण मानकों के खिलाफ है। भवन के नक्शे में भी कंट्रोल रूम के पास शौचालय नहीं था लेकिन फिर महिला अस्पताल में कंट्रोल रूम के बराबर में ही शौचालय बना दिया गया। शौचालय की वजह से यहां दीवारों पर सीलन पाई गई है।

अंदेशा है कि सीलन की वजह से ही शॉर्ट सर्किट हुआ और आग लग गई। एक और बड़ी गड़बड़ी इलेक्ट्रिक ड्राइंग का अनुमोदन न कराए जाने की सामने आई है। नियमों के मुताबिक इलेक्ट्रिक ड्राइंग का अनुमोदन विद्युत सुरक्षा विभाग से कराया जाना चाहिए था लेकिन पीडब्ल्यूडी ने इस मानक की भी अनदेखी कर दी। अधिकारियों का कहना है कि अभी जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है लेकिन अब तक जो तथ्य सामने आए हैं, उनसे निर्माण कार्य के दौरान की गई अनियमितताएं ही हादसे का कारण लग रही हैं।

ऑटोमैटिक एमसीबी न होना मुख्य कारण नहीं: अधिकारियों का कहना है कि ऑटोमैटिक एमसीबी न होना हादसे का मुख्य कारण नहीं हो सकता। अभी तक जांच में बिजली के कंट्रोल रूम के पास में शौचालय बनाना ही सबसे बड़ी गड़बड़ी लग रही है। इस शौचालय की वजह से सीलन भी फैली हुई है जिसकी वजह से अर्थिंग और शॉर्ट सर्किट होने की आशंका है।

 

जांच का जायजा लेने सोमवार को पहुंचेंगे निदेशक: एसएनसीयू में आग लगने के बाद यहां भर्ती एक नवजात शिशु की मौत की घटना को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। डीएम रविंद्र कुमार ने विस्तृत जांच का आदेश दिया था जिसके बाद गहनता से जांच की तैयारी है। सोमवार को विद्युत सुरक्षा विभाग के निदेशक भी बरेली आकर जांच करेंगे। मंगलवार को महिला अस्पताल आकर मौका मुआयना भी करेंगे।

अधिकारियों के मुताबिक जांच पूरी होने में करीब एक सप्ताह लग सकता है। इस बीच शुक्रवार को चार सदस्यीय जांच टीम के सदस्य एसीएमओ डॉ. केसी जोशी ने भी एसएनसीयू का निरीक्षण किया। उन्होंने महिला अस्पताल के सीएमएमस डॉ. त्रिभुवन प्रसाद से भी बातचीत की।

जांच में कुछ गड़बड़ियां सामने आईं हैं। इलेक्ट्रिक ड्राइंग का अनुमोदन नहीं लिया गया है। बिजली कंट्रोल रूम के पास शौचालय नहीं होना चाहिए, भवन के नक्शे में भी नहीं है लेकिन मौके पर जांच में कंट्रोल रूम के बराबर शौचालय बना पाया गया है। दीवारों में सीलन से ही कई बार शॉर्ट सर्किट होता है। अभी जांच चल रही है। - एके चौधरी, विद्युत सुरक्षा अधिकारी

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