रुद्रपुर: कंपनी गेट पर नई भर्ती का बोर्ड देखकर भड़के श्रमिक

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

रुद्रपुर, अमृत विचार। पिछले तीन दिनों से मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलित श्रमिकों का उस वक्त पारा चढ़ गया जब कंपनी गेट पर नई ठेकेदार लेबर भर्ती का बोर्ड देखा। जिसे देखकर सैकड़ों की तादाद में महिला-पुरुष श्रमिक कंपनी गेट पर जुटने लगे और श्रमिकों ने कर्मचारियों को लेकर आ रही बसों को रोकने का प्रयास किया।

जिसकी सूचना मिलते ही सीओ, सिडकुल चौकी प्रभारी भारी पुलिस बल के मौके पर पहुंचे और आंदोलित श्रमिकों को परिधि से दूर रहकर आंदोलन करने की बात कही। मगर समझने के बजाय श्रमिकों का गुस्सा फूट पड़ा और पुलिस व श्रमिकों के बीच नोकझोंक व धक्का मुक्की होने लगी। बमुश्किल सीओ ने श्रमिकों को समझा बुझाकर मामला शांत करवाया।

पिछले तीन दिनों से सिडकुल की बिस्कुट बनाने वाली कंपनी में कार्यरत ठेकेदार श्रमिक मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे हैं और रोज कंपनी गेट पर बैठकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। शनिवार को भी रोजमर्रा की भांति जब श्रमिक कंपनी गेट पर पहुंचे तो बोर्ड पर बिस्कुट प्लांट में नई मैनपावर की भर्ती चल रही है। जिसे देखकर श्रमिकों का गुस्सा भड़क गया और श्रमिक हंगामा काटते हुए गेट पर पहुंच गई और कंपनी बसों को रोकना शुरू कर दिया।

सूचना मिलते ही सीओ अनुषा बडोला, सिडकुल चौकी प्रभारी प्रदीप कुमार पुलिस बल के मौके पर पहुंचे और वहां लगे बैनर को हटाने की कोशिश करने लगे। जिसे देखकर श्रमिकों, सीओ व पुलिस बल के बीच धक्का मुक्की और जमकर नोकझोंक हुई। इस दौरान महिला पुलिसकर्मियों ने महिला श्रमिकों को रोकते हुए परिधि से बाहर धकेल दिया और सीओ ने गुस्साय श्रमिकों की भीड़ को मैदान में बिठाकर खुद नीचे बैठकर उनकी समस्याओं को सुना।

जिस पर सीओ ने बताया कि कंपनी गेट की परिधि के अंदर उग्र आंदोलन करना गलत है और अपनी मांगों को या तो वार्ता के माध्यम से या फिर श्रम कानून के तहत पूर्ण कराने का प्रयास किया जाए। उग्र आंदोलन कानूनन अपराध है। सीओ के समझाने के बाद श्रमिकों का गुस्सा शांत हुआ और मांगे पूरी नहीं होने तक श्रमिकों ने आंदोलन की चेतावनी।

बुलानी पड़ी महिला पीएसी प्लाटून

रुद्रपुर। बिस्कुट बनाने की कंपनी गेट पर सैकड़ों श्रमिक आंदोलन के दौरान महिलाओं की संख्या ज्यादा और तेवर बेहद ही उग्र थे। जब महिला श्रमिकों का गुस्सा बसों पर निकलने लगा तो सिडकुल चौकी प्रभारी द्वारा फोन कर महिला पीएसी की एक प्लाटून कंपनी को बुलाकर मौके पर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। महिला पीएसी द्वारा लाइन बनाकर महिलाओं को पीछे खदेड़ा और स्थिति को संभाला।

श्रमिकों ने लगाया नियमों के उल्लंघन का आरोप

रुद्रपुर। बिस्कुट बनाने की कंपनी के ठेकेदार पर ठेकेदारी प्रथा में काम करने वाले श्रमिकों का आरोप था कि नियम के तहत उनका मानदेय 8300 था। तय हुआ था कि 26 दिन लगातार कार्य मिलेगा। लेकिन 26 दिन की बजाय मात्र 10 से 15 दिन का ही काम दिया जा रहा है। काम के हिसाब से ही मानदेय दिया जाता है। जबकि श्रमिक 26 दिन कार्य करने के लिए तैयार हैं। इसके अलावा खाने के 15 रुपये, चाय के दो रुपये और आने जाने का एकतरफा किराया श्रमिकों को वहन करना पड़ता है। ऐसे में मानदेय कटने के बाद परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है।

आंदोलित श्रमिकों का मानदेय सरकार के नियमानुसार बढ़ाया जाता है और बढ़ाया भी कई बार गया है। इसके अलावा आवाजाही के लिए बसों की व्यवस्था है। खाने का दाम भी बेहद कम है और लगातार श्रमिकों को सुविधा मुहैया कराई जाती है। मगर बेवजह मुद्दा बनाते हुए तीन दिन पहले श्रमिक दोपहर एक बजे अचानक कार्य छोड़ कर चले गए। जिसकी वजह से सात टन बिस्कुट माल खराब हो गया। कई बार वार्ता के लिए बुलाया भी गया। बावजूद श्रमिकों की समस्याओं का समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है।

-सतीश गुप्ता, कंपनी श्रमिक ठेकेदार

संबंधित समाचार