बरेली: बढ़ती ठंड के साथ बढ़ीं त्वचा की समस्याएं...'सोरायसिस' ने बढ़ाई टेंशन, जानिए कैसे करें बचाव
बरेली, अमृत विचार। सर्दी की शुरुआत के साथ ही त्वचा की नमी भी कम हो जाती है। जिसकी वजह से ठंड में त्वचा से जुड़ी बीमारियां भी बढ़ जाती हैं। सर्दी आते ही साफ-सफाई में लापरवाही व संक्रमण के वजह से फुंसी-फोड़ा, एक्जीमा, खुजली, सोरायसिस, दाद आदि के मरीज बढ़ रहे हैं।
अगर ऐसे में बात करें तीन सौ बेड अस्पताल की ओपीडी की तो नवंबर माह में कुल 1810 त्वचा रोगी पहुंचे, जिसमें सबसे अधिक सोरायसिस की समस्या देखी गई। जबकि रोजाना 90 से अधिक त्वचा से जुड़ी समस्या के मरीज तीन सौ बेड अस्पताल में पहुंच रहे हैं।
जानिए क्या है सोरासिस
सोरायसिस त्वचा की वह स्थिति है जिसमें त्वचा की कोशिकाएं असामान्य स्तर पर बढ़ने लगती हैं। आमतौर पर कोशिका पुनर्जनन (सेल रीजेनेरेशन) होता है और मृत त्वचा कोशिकाओं के साथ संतुलन बनाती है।
चूंकि त्वचा की कोशिकाएं असामान्य रूप से विकसित होने लगती हैं, जिससे वे आपकी त्वचा के ऊपर तक उठती हैं और सफ़ेद स्केल्स से ढकी लाल प्लाक को पीछे छोड़ते हुए मर जाती हैं। यह रोग आमतौर पर कोहनी, घुटनों और स्कैल्प पर होता है। साथ ही सोरायसिस हथेलियों, टोरसो और पैरों के तलवों को भी प्रभावित कर सकता है।
मौसम के बदलाव से त्वचा पर प्रभाव
गर्मी व बरसात के मौसम में वातावरण में नमी रहती है। इससे त्वचा की कोशिकाएं आपस में जुड़ी रहती हैं। लेकिन सर्दियों में ऐसा नहीं होता।
ठंड के मौसम में कोशिकाओं में नमी कम हो जाती है, जिससे त्वचा सूखने लगती है और फटने की शिकायत शुरू हो जाती है। अधिक लापरवाही से त्वचा की ऊपरी के साथ निचली सतह भी प्रभावित होकर धीरे-धीरे सूखने लगती है। ऐसे में त्वचा की परत बाहर निकलने लगती है। बाद में वातावरण में मौजूद जीवाणुओं व गंदगी की वजह से त्वचा में संक्रमण के कारण फुंसी-फोड़ा, एक्जीमा आदि चर्म रोग हो जाते हैं।
इस तरह होती है बीमारी
इस मौसम में स्केबीज या खुजली की वजह से शरीर के अंदरूनी अंगों, हाथ की अंगुलियों के बीच छोटे-छोटे दाने निकल आते हैं, जिनमें खुजली होती है। इसी तरह फंगल संक्रमण जैसे दाद की शिकायत भी आम है।
इसमें शरीर पर गोल चकत्ते हो जाते हैं। यह रोग जाड़े में साफ-सफाई की कमी, गंदे कपड़े पहनने, नहाने के बाद शरीर के ठीक से सुखे बगैर अथवा गीले कपड़े पहनने या फिर इस्तेमाल की हुई रजाई या कंबल के उपयोग से होता है।

ऐसे करें बचाव
त्वचा विशेषज्ञ डॉ. अनुज ने बताया कि सर्दी में त्वचा से जुड़ी कई समस्या हो जाती है, जिससे बचने के लिए साफ-सफाई का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। ठंड में महिलाएं सबसे अधिक धूप में बैठना पसंद करती हैं।
ऐसे में महिलाओं के चेहरे पर झाइयों की समस्या होने लगती है। जिससे बचने के लिए महिलाओं को धूप में बैठने से पहले चर्मरोग परीक्षित सनस्क्रीन क्रीम का उपयोग करना चाहिए। साथ ही नहाने के बाद सभी लोगों को बॉडी लोशन का इस्तेमाल करना चाहिए। इसके इस्तेमाल से त्वचा से जुड़ी समस्याएं कम होती हैं।
तीन सौ बेड के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुज ने बताया कि सर्दी आते ही अस्पताल में सबसे अधिक सोरायसिस के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। सोरायसिस की समस्या में मरीजों के शरीर में एक पपड़ी बन जाती है, जिसके वजह से उन्हें काफी खुजली भी होती है। ऐसे में अस्पताल में आने वाले मरीजों के लिए सारी चीजें उपलब्ध है। जिससे मरीजों को कोई परेशानी नहीं होगी।
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