Kanpur News: हैलट अस्पताल में बेड पर ही होगी बच्चों की MRI, बाल रोग विभाग के एसएनसीयू में नए साल से उपलब्ध हो जाएगी सुविधा
कानपुर के हैलट अस्पताल में बेड पर ही होगी बच्चों की एमआरआई।
कानपुर के हैलट अस्पताल में बेड पर ही बच्चों की एमआरआई होगी। बाल रोग विभाग के एसएनसीयू में नए साल से सुविधा उपलब्ध हो जाएगी।
कानपुर, अमृत विचार। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग को नए साल में आई-केएमसी प्रोजेक्ट के तहत अमेरिका से पोर्टेबल एमआरआई मशीन मिलेगी। इसे एसएनसीयू (सिक न्यू बार्न केयर यूनिट) में रखा जाएगा। इस मशीन से रिपोर्ट जल्दी मिलने से गंभीर बच्चों व मां को सर्वाधिक फायदा होगा।
मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग को मिलने वाली पोर्टेबल एमआरआई मशीन प्रदेश में पहली होगी। इसके स्थापित होने से गंभीर बच्चों को जांच के लिए एसएनसीयू के बाहर नहीं जाना पड़ेगा। बाल रोग अस्पताल के प्रो. यशवंत राय ने बताया कि आम एमआरआई मशीन 1.5 टेक्स्ला की होती है। मैग्नेट अधिक होने से मशीन रखने के लिए कमरे में मोटी दीवारें बनानी पड़ती हैं।
जांच से पहले शरीर से छोटी से छोटी धातु की चीज हटाई जाती है, वर्ना मशीन को बड़ा नुकसान पहुंच सकता है। लेकिन आधुनिक पोर्टेबल मशीन .065 टेक्स्ला की है। इसमें मैग्नेट का प्रयोग काफी कम है। ऐसी शीट लगी है, जो मैगनेट की पॉवर सीमित दूरी पर रोक देती है।
सिर की गंभीर बीमारी का पता चलेगा
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अरुण कुमार आर्य ने बताया कि मशीन पोर्टेबल होने से वार्ड या आईसीयू कहीं भी ले जायी जा सकेगी। बच्चों में ब्रेन हेमरेज, दिमाग में पानी भरना, दिमाग में ऑक्सीजन की कमी जैसी गंभीर बीमारियों की जांच आसानी से हो सकेगी। मशीन की पिक्चर क्वालिटी कई गुना बेहतर है। रिपोर्ट लैपटॉप, टैबलेट या मोबाइल में भी ली जा सकती है।
तीन से चार मिनट में पता चलेगी बीमारी
डॉ. रूपा ने बताया कि पोर्टेबल मशीन में बच्चों की दिमाग से संबंधित बीमारी की जांच तीन से चार मिनट में हो जाएगी। पूरे शरीर की जांच में 30 मिनट लगेंगे। इस मशीन से बच्चों में छोटी बीमारियों का भी पता लग जाएगा। डॉ.सीमा द्विवेदी ने बताया कि मशीन से कुपोषित बच्चों का आईक्यू लेवल चेक करने के साथ गर्भवती की भी जांच की जा सकती है।
बाल रोग विभाग में नवजात शिशुओं के सिर की स्कैनिंग के लिए पोर्टेबल एमआरआई मशीन आई-केएमसी प्रोजेक्ट के तहत अमेरिका से जनवरी माह में उपलब्ध मिल जाएगी। वेंटीलेटर के साथ भर्ती नवजात के बेड के किनारे यह मशीन लगाकर सिर की जांच की जा सकेगी। बहुत ही कम समय में रिपोर्ट मिलने से त्वरित इलाज संभव होगा।- प्रो.संजय काला, प्राचार्य, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज।
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