मुरादाबाद : 24 साल से रिकार्ड में फरार , बन गया पार्षद
मुरादाबाद,अमृत विचार। इसे पुलिस का गुडवर्क कहें या फिर नाकामी, जिस हत्यारोपी को पुलिस ने पकड़ने में पूरे 24 साल लगा दिए वह सम्भल पालिका का पार्षद बनकर रह रहा था। इतना ही नहीं सम्भल की राजनीति में वह लगातार सक्रिय था जबकि पुलिसिया रिकार्ड में पुलिस उसे जब भी पकड़ने गई तो वह फरार …
मुरादाबाद,अमृत विचार। इसे पुलिस का गुडवर्क कहें या फिर नाकामी, जिस हत्यारोपी को पुलिस ने पकड़ने में पूरे 24 साल लगा दिए वह सम्भल पालिका का पार्षद बनकर रह रहा था। इतना ही नहीं सम्भल की राजनीति में वह लगातार सक्रिय था जबकि पुलिसिया रिकार्ड में पुलिस उसे जब भी पकड़ने गई तो वह फरार मिला। यही वजह रही कि आरोपी पर 25 हजार रुपए का ईनाम घोषित किया गया था।
दावा तो यहां तक किया जा रहा है कि मौजूदा समय में उसकी पत्नी भी सम्भल शहर के एक वार्ड से पार्षद है। फिलहाल कई सालों के बाद ठाकुरद्वारा पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसका चालान कर दिया है। मर्डर के साथ पुलिसिंग की पोल खोलने का यह मामला करीब 24 साल पुराना है।
बताया जाता है कि वर्ष 1996 में सम्भल के मोहल्ला खग्गू सराय निवासी नाजिर खां के बेटे आरिफ का दिन-दहाड़े कटघर थाना क्षेत्र में सम्भल चौराहे पर मर्डर हो गया था। बताया जाता है कि आरिफ छात्र नेता था। उसके मर्डर के बाद पुलिस में खलबली मच गई थी। मृतक आरिफ के चाचा जुनैद खां ने इस मामले में सम्भल के कोट पूर्वी निवासी शारिक हुसैन व शाहिद उर्फ गुल्लू के खिलाफ कटघर थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया था।
पुलिस ने दी दबिश तो शाहिद ने किया सरेंडर
मामले में राजनीति गर्माने के बाद पुलिस ने ताबड़तोड़ दबिश देनी शुरू की तो आरोपी फरार हो गए। पुलिस का शिकंजा बढ़ने पर आरोपियों ने हाईकोर्ट की शरण ले ली। वहां से स्टे भी ले आए लेकिन बाद में वारंट जारी होने पर पुलिस ने फिर से शिकंजा कसना शुरू कर दिया। जिस पर शाहिद उर्फ गुल्लू ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। मुकदमा चला तो कोर्ट ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई मौजूदा समय में वह जेल में बंद हैं। बताते हैं कि इसके बाद भी दूसरा आरोपी शारिक पुलिस के हत्थे नहीं लगा।
बन गया पार्षद और पुलिस बताती रही फरार
इसके बाद से शुरू हुई पुलिसिया लापरवाही, पुलिस का दावा है कि उन्होंने फरार शारिक हुसैन की तलाश में कई दफा उसके घर के अलावा संभावित ठिकानों पर दबिश दी लेकिन वह फरार मिला जबकि हकीकत में वह सम्भल में अपने घर में रह रहा था तथा वहां की राजनीति में बराबर सक्रिय रहा। इतना ही नहीं वह अपने वार्ड का पार्षद भी चुना गया। दावा तो यहां तक कि मौजूदा समय में उसकी पत्नी पार्षद है।
इधर पुलिस लगातार उसे फरार बताती रही तो मुरादाबाद पुलिस ने उस पर 25 हजार का ईनाम घोषित कर दिया। आखिरकार 24 साल बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। एसपी सिटी अमित आनंद ने बताया कि ठाकुरद्वारा के प्रभारी निरीक्षक सतेंद्र कुमार और सर्विलांस टीम के उप निरीक्षक आशीष सहरावत के नेतृत्व में टीम को लगाया गया था। आरोपी को गिरफ्तार कर चालान कर दिया गया है। हालांकि विभागीय सूत्रों का दावा है कि आरोपी को एसटीएफ ने पकड़ा है।
