UP Crime: दोनों भाइयों को बचाने के लिए पिता और बड़े भाई ने भी लगा दिया जान का दांव… ग्रामीणों ने अन्य को ऐसे बचाया

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Edited By Amrit Vichar
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हमीरपुर में टेढ़ा गांव में सीवर टैंक में गिरने से सिपाही व उसके सगे भाई की मौत।

हमीरपुर में टेढ़ा गांव में सीवर टैंक में गिरने से सिपाही व उसके सगे भाई की मौत हो गई। घटना से परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने जांच शुरू की।

हमीरपुर, अमृत विचार। भरुआ सुमेरपुर में सिपाही और उसके बड़े भाई के सीवर टैंक में गिरने के बाद पिता ने अन्य ग्रामीणों के साथ मिलकर टैंक में उतरने की कोशिश की। लेकिन जैसे ही टैंक के अंदर घुसे वैसे ही बेहोश होने पर लोगों ने तत्काल बाहर निकाल लिया। इससे उनकी जान बच गई। बाद में जेसीबी मशीन से टैंक को तोड़कर दोनों भाइयों को बाहर निकाल कर निजी साधन से अस्पताल लाया गया। तब तक दोनों की सांस थम चुकी थी।

इसके बाद भी परिजनों को विश्वास नहीं हुआ तो अपने साधन से ही पुलिस को विश्वास में लेकर सदर अस्पताल ले गए। वहां भी उन्हें निराशा हाथ लगी। इसके बाद दोनों शवों के पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम को भेजने की कार्रवाई की गई।

टेढ़ा का निवासी कलकु कुशवाहा के तीन पुत्र दो बेटियां हैं। बेटियों के साथ दो पुत्रों के विवाह हो चुके हैं। इसमें सबसे बड़े पुत्र शत्रुघ्न कुशवाहा, दूसरे रामसेवक उर्फ भूरा तथा सबसे छोटे का नाम लालबहादुर उर्फ कल्लू है। लाल बहादुर अविवाहित है और 2020 में पुलिस में भर्ती होने के बाद इस समय कौशांबी जनपद के मंझनपुर थाने में आरक्षी पद पर तैनात था। यह एक सप्ताह पूर्व छुट्टी लेकर गांव आया था।

बुधवार को सुबह करीब साढ़े दस बजे लालबहादुर अपने बड़े भाई रामसेवक उर्फ भूरा के साथ घर के बाहर बने सीवर टैंक के ऊपर खड़े होकर मकान निर्माण के लिए चर्चा कर रहा था। इसी बीच टैंक का ढक्कन टूट गया और सिपाही टैंक में समा गया। भाई को टैंक में गिरा देखकर बचाने के लिए बड़ा भाई भूरा भी टैंक में कूद गया और दोनों टैंक के अंदर बेहोश हो गए।

इससे परिवार में कोहराम मच गया। कुछ ही देर में घर पर ग्रामीणों का मजमा लग गया। इसी बीच गांव निवासी उस्मान खान को रस्सी के सहारे टैंक में उतरा गया लेकिन यह भी बेहोश हो गया। तब इसको तुरंत बाहर किया गया। इसके बाद पिता कलकु को रस्सी के सहारे टैंक में उतरा। लेकिन यह भी बेहोश होने लगा। लिहाजा इसको भी तुरंत बाहर किया गया।

इसके बाद पड़ोसी चंद्रिका कुशवाहा टैंक में उतरा। लेकिन यह भी अंदर जाते ही बेहोश होने लगा। दोनों भाइयों को अंदर छटपटाता देखकर सबसे बड़ा भाई शत्रुघ्न भी टैंक में उतरा और उतरते ही बेहोश हो गया। इसको ग्रामीणों ने आनन-फानन बाहर किया। इसके बाद जेसीबी मशीन को लगाकर टैंक को तोड़कर दोनों भाइयों को बाहर निकालकर पानी से धोकर निजी साधन से अस्पताल लाया गया।

इस जद्दोजहद में दोनों को अस्पताल तक लाने में डेढ़ घंटे से ज्यादा का समय लग गया। अस्पताल आने के बाद प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डा तरुण पाल ने दोनों को चेकअप के बाद मृत घोषित करके थानाध्यक्ष रामआसरे सरोज को सूचित किया।

सूचना पाकर थानाध्यक्ष तत्काल मौके पर आए और पंचनामा की तैयारी शुरू की। इसी बीच परिजन सदर अस्पताल में एक बार फिर दिखाने की बात कहने लगे। इस पर थानाध्यक्ष ने सहमति दे दी। तब परिजनों ने दोनों को सदर अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां पर भी डॉक्टरों ने चेकअप के बाद मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई शुरू कराई है।

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