पीलीभीत: गेटवे की जगह अन्य माध्यम से करा डाले सात लाख से अधिक के भुगतान, अब फंसे तो घबराए..जानिए मामला
पीलीभीत, अमृत विचार। ग्राम पंचायतों में कराए गए कार्यों का लाखों का भुगतान गेटवे सॉफ्टवेयर की जगह अन्य माध्यमों से करा दिया गया। मामले का खुलासा होने पर जिला पंचायत राज अधिकारी ने छह सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। दो दिन के भीतर संतोषजनक जवाब न देने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
शासन ने ग्राम पंचायतों में ई-ग्राम स्वराज से संबंधित कार्यों के भुगतान गेटवे सॉफ्टवेयर के माध्यम से कराए जाने के निर्देश दिए थे। इधर निदेशालय स्तर पर ई ग्राम स्वराज पोर्टल पर प्रदर्शित नवंबर माह की गेटवे रिपोर्ट का परीक्षण किया गया। परीक्षण के दौरान कुछ ग्राम पंचायतों में कराए गए कार्यों का भुगतान ग्राम सचिवालय में स्थापित कंप्यूटर पर इंस्टॉल गेटवे सॉफ्टवेयर के बजाय अन्य माध्यमों से कराया जाना पाया गया।
इसमें मरौरी ब्लाक की ग्राम पंचायत हिम्मतनगर उर्फ चिरैंदापुर में 1,95,229 रुपये, मरौरी ब्लाक के बिठौराकलां में 1,34,976 रुपये, बीसलपुर ब्लाक के मीरपुर वाहनपुर में 16, 100 रुपये, बर्सीवाले उर्फ बरसिया में 24,294, बरखेड़ा ब्लाक की ग्राम पंचायत मुड़सैम नगर उर्फ पंडरी में 3,44, 492 का भुगतान गेटवे के बजाय अन्य माध्यम से होना पाया।
मामले का खुलासा होने पर डीपीआरओ सतीश कुमार ने मरौरी ब्लाक की सचिव कु. आरूषि कुमार, मरौरी के राकेश कुमार शर्मा, बीसलपुर के रितेश शुक्ला, संतोष कुमार और बरखेड़ा ब्लाक के सचिव राजकुमार का स्पष्टीकरण तलब करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन सचिवों को दो दिन भीतर जवाब दाखिल न करने पर विभागीय कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है।
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