बरेली: बच्चों की सुरक्षा को लेकर और हुई सख्ती...नियमों की अनदेखी पर विद्यालयों की निरस्त होगी एनओसी
शर्तां का उल्लंघन करने वाले विद्यालय प्रबंधकों को मंडलायुक्त की चेतावनी
बरेली, अमृत विचार। स्कूली छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर कमिश्नर साैम्या अग्रवाल और सख्त हो गई हैं। हाल के दिनों में लगातार हुए कई सड़क हादसों काे लेकर उन्होंने नियमों की अनदेखी करने वाले विद्यालयों को चेताते हुए एनओसी निरस्त करने पर पुनर्विचार करने की बात शुक्रवार को कमिश्नरी में हुई बैठक में कही है।
मंडलायुक्त ने विद्यालयों और स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर कई अहम फैसले लिए हैं। कहा कि कुछ समय के अंतराल में लापरवाही की वजह से स्कूली बच्चों के साथ कई हादसे सामने आए हैं। कमिश्नर ने कहा कि नियमावली 2018 की अधिसूचना के अनुसार चेकिंग के दौरान छात्रों की सुरक्षा में अनदेखी और नियम-शर्तों के उल्लंघन के मामले मिले तो ऐसे विद्यालयों की एनओसी निरस्त की जा सकती है। छात्रों की सुरक्षा के लिए सभी विद्यालयों में परिवहन सुरक्षा समिति के गठन के आदेश देकर नियमित बैठकें करने की बात कही। कहा कि समिति यह तय करेगी कि बिना फिटनेस और मानकों को पूरा किए बगैर किसी भी दशा में वाहनों संचालन नहीं होगा।
विद्यालयों में रजिस्ट्रेशन, फिटनेस, बीमा, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड प्रमाण-पत्र, परमिट, लाइसेंस का परीक्षण करेगी। छात्रों की संख्या के आधार पर स्कूली मानक पूरा करने वाले वाहनों का अनुबंध होगा। छात्र-छात्राओं काे लाने ले जाने की व्यवस्था सुनिश्चित होगी। बिना मानक पूरे करने वाले वाहन नहीं चलने दिए जांएगे। समिति नियमों के पालन के लिए प्रधानाचार्यों से हस्ताक्षर युक्त शपथ पत्र डीआईओएस को सौंपेगी।
कमिश्नर ने कहा कि अभी तक स्कूल वैन का अन्य कार्यों के लिए इस्तेमाल प्रतिबंधित था, लेकिन बैठक में ठेका परमिट की वैन को लेकर अहम निर्णय लिया गया है, जिसमें नियमावली के प्रावधानों का पालन करते हुए वैन के चारों और निर्धारित मानक के अनुरूप पीली पट्टी लगाकर स्कूली बच्चों को लाने के साथ ही अन्य कार्य भी कर सकते हैं। इसमें इस बात को खासतौर पर शामिल किया गया है कि इस व्यवस्था के लिए अभिभावकों और वाहन स्वामियों के बीच हुए करार की प्रति, छात्रों की सूची वाहन पर रखना अनिवार्य किया गया है, इसमें वैन के रंग को पूरा पीला करना आवश्यक नहीं होगा। आईजी डॉ. राकेश सिंह, डीएम रविंद्र कुमार, एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान, अपर आयुक्त न्यायिक प्रीति जायसवाल आदि अधिकारी मौजूद रहे।
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