आरोप : ग्राम पंचायत की जमीन पर एक ही परिवार के सदस्यों को किया जाता है आवंटन
अमेठी, अमृत विचार। कोतवाली क्षेत्र जायस अन्तर्गत ग्राम पंचायत मवई आलमपुर में हर वर्ष कार्तिक पूर्णिमा के दिन दो दिवसीय मेला लगता है। मेले में लाखों लोगों की भीड़ होती है। अमेठी सहित आस पास के जिले से भी दुकानें मेले में लगती है। धीरे-धीरे जमीनों का आवंटन होने से मेले का अस्तित्व खत्म होता चला जा रहा है। मेला परिषर में ही दो बीघा रकबा का बंजर जमीन खाली पड़ी है। एक ही परिवार के सदस्यों का हर बार आवंटन किया जाता है। जबकि सभी के पास बहुमंजिला इमारतें भी है।
ग्राम पंचायत मवई आलमपुर गांव में लगने वाले मेला परिषर में गाटा संख्या 0092 को जो कि राजस्व अभिलेखों में एक बीघा 9 बिस्वा बंजर की भूमि दर्ज हैं। उस पर गांव के एक ही परिवार के कई लोगों ने कब्जा कर रखा है। वर्ष 2011 में तीन सगे भाइयों में क्रमशः शिव बहादुर, शिवनाथ व छोटेलाल को एक-एक बिस्वा पट्टा किया गया था। बीते माह 26 अगस्त को उस गाटा संख्या पर रामराज पुत्र शिवबहादुर, रिंकू कुमार पुत्र रामराज व राजकुमारी पत्नी बजरंगी ने पट्टा के लिए आवेदन किया है। जबकि रामराज व रिंकू कुमार बाप बेटे है। जबकि रामराज के पिता शिवबहादुर व राजकुमारी के ससुर छोटेलाल को वर्ष 2011 में ही आवंटन हो चुका है। मजेदार बात तो यह है कि इन सभी आवेदक पहले से ही लाभान्वित हो चुके है। जबकि इस सभी के पास पहले से ही बहुमंजिला और पक्का मकान बना हुआ है। जबकि नियमतः आवासीय पट्टा उसी परिवार को दिया जाता है जिसके परिजनों के पास रहने के लिए घर न हो। लेकिन यहां उसके विपरीत आवंटन किया जा रहा है। धीरे-धीरे एक ही परिवार के सदस्यों को लाभान्वित करने से ग्रामीणों में रोष है। वहीं पट्टा होने से मेले का अस्तित्व भी खत्म होता चला जा रहा है। आवेदन के बाद एसडीएम दिग्विजय कुमार सिंह ने लेखपाल से आख्या मांगी है।
ये भी पढ़ें -अयोध्या : राम बारात देखकर लौट रही फौजी की पत्नी से छिनैती
