आजम खान के स्कूल रामपुर पब्लिक स्कूल की लीज रद्द होने के मामले में फैसला सुरक्षित, जल्द आयेगा निर्णय

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Edited By Amrit Vichar
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अमृत विचार लखनऊ:  इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रामपुर के मौलाना मोहम्मद जौहर यूनिवर्सिटी ट्रस्ट के अधीन रामपुर पब्लिक स्कूल की लीज यूपी सरकार द्वारा रद्द किए जाने के मामले में सोमवार को सुनवाई पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित कर लिया है। दरअसल लीज रद्द करने के यूपी सरकार के फैसले को यूनिवर्सिटी ट्रस्ट ने कोर्ट में चुनौती दी थी। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने राज्य सरकार को शैक्षणिक वर्ष 2023- 24 के अंत तक रामपुर पब्लिक स्कूल के बच्चों के लिए हेल्पलाइन चालू रखने का निर्देश भी दिया है।

मालूम हो कि गत शुक्रवार को हुई सुनवाई में स्कूल द्वारा दाखिल हस्तक्षेप आवेदन को अनुमति देते हुए कोर्ट ने राज्य की ओर से प्रस्तुत महाधिवक्ता से स्कूल में नामांकित छात्रों की स्थिति के बारे में पूछा था, साथ ही छात्रों के हितों की सुरक्षा को लेकर भी कोर्ट ने चिंता जताई थी। महाधिवक्ता ने राज्य द्वारा स्कूल को बिना कारण बताओ नोटिस दिए पट्टा रद्द करने का बचाव करते हुए कहा कि उच्च शिक्षा के उद्देश्य से अधिग्रहित की गई भूमि का उपयोग पब्लिक स्कूल चलाने के लिए किया जा रहा है। तत्कालीन कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खान द्वारा सरकारी जमीन के घोर दुरुपयोग के आधार पर सरकार द्वारा पट्टा रद्द कर दिया गया जबकि ट्रस्ट की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता ने लीज डीड को रद्द करने और स्कूल सील करने के फैसले को प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन बताया।

उनका तर्क था कि अनुसंधान संस्थान के खिलाफ कार्यवाही करने से पहले समिति ने किसी भी सदस्य या ट्रस्ट को कोई नोटिस नहीं दिया। किसी भी बात की जानकारी न होने के कारण याची ट्रस्ट राज्य को जवाब देने की स्थिति में नहीं था। गौरतलब है कि इस साल की शुरुआत में राज्य सरकार ने मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट को लीज शर्तों के उल्लंघन का हवाला देते हुए ट्रस्ट की 3.24 एकड़ जमीन का पट्टा रद्द कर दिया। नियमानुसार पट्टा निरस्त होने के बाद जमीन का कब्जा सरकार के पास चला जाता है।

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