अविश्वास प्रस्ताव : एक-दूसरे के बहुमत की हवा निकालने में जुटे दोनों गुट
भाजपा के दिग्गजों के लिए खड़ी हुई चुनौती, संतोष गंगवार ने बिथरी जाकर की बैठक, मतदान के दिन के लिए बनाई रणनीति
बरेली, अमृत विचार। अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने के बाद बिथरी चैनपुर की ब्लॉक प्रमुख बृजेश कुमारी की कुर्सी पर तो खतरा मंडराने ही लगा है, भाजपा नेताओं के लिए भी कुर्सी बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है। 27 दिसंबर को अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान होने से पहले भाजपा नेता ज्यादा से ज्यादा बीडीसी सदस्यों से संपर्क साधने की कोशिश कर रहे हैं। रविवार देर रात सांसद संतोष गंगवार ने खुद बिथरी जाकर ब्लॉक प्रमुख के पति हरेंद्र पटेल और पार्टी के कई नेताओं के साथ बैठकर मतदान से पहले की रणनीति बनाई।
बिथरी ब्लॉक प्रमुख को हटाने के लिए तीन महीने से उठापटक चल रही है। भाजपा में रहते हुए ही पूर्व ब्लॉक प्रमुख एवं बीडीसी मेंबर विजेंद्र सिंह के नेतृत्व में 82 बीडीसी मेंबरों ने अक्टूबर में इसकी शुरुआत करने के बाद हस्ताक्षरयुक्त शपथपत्र के साथ डीएम को अविश्वास प्रस्ताव सौंपा था। इस प्रस्ताव पर प्रशासन के कोई तात्कालिक निर्णय लेने से पहले ही अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करने वाले नाै सदस्यों ने डीएम के समक्ष पेश होकर पलटी मार ली और लिखकर दे दिया कि उनसे जबरन हस्ताक्षर कराए गए थे। उनका अविश्वास प्रस्ताव को समर्थन नहीं है। इसके बाद डीएम ने अविश्वास प्रस्ताव को निरस्त कर दिया था।
परीक्षण से पहले ही अविश्वास प्रस्ताव को खारिज कर देने के डीएम के आदेश को अहलादपुर ग्राम पंचायत के बीडीसी सदस्य दिग्विजय सिंह ने हाईकोर्ट में रिट दाखिल की। सात दिसंबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डीएम के आदेश को रद्द कर दिया। इसके बाद डीएम रविंद्र कुमार ने अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा और मतदान के लिए 27 दिसंबर की तारीख तय कर एसडीएम सदर को पीठासीन अधिकारी नियुक्त कर दिया।बिथरी ब्लॉक में 112 बीडीसी मेंबर हैं। मतदान की तारीख तय होने के बाद दोनों गुट एक-दूसरे के बहुमत की हवा निकालने में जुट गए हैं।
झूठा साबित हो चुका है अपहरण का आरोप मगर दबिश दे रही है पुलिस
पूर्व ब्लॉक प्रमुख और सहयोगी बीडीसी सदस्य कई दिन से घरों से गायब
अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले पूर्व ब्लॉक प्रमुख विजेंद्र सिंह और हाईकोर्ट में डीएम के आदेश के खिलाफ रिट करने वाले बीडीसी सदस्य दिग्विजय सिंह के विरुद्ध थाना बिथरी में महिला बीडीसी सदस्य का अपहरण करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस अब दोनों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है लेकिन दोनों को अब तक गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। दोनों के खिलाफ महिला सदस्य के पति ने अपहरण की रिपोर्ट लिखाई थी। अगले ही दिन महिला सदस्य ने खुद एसएसपी के सामने पेश होकर अपहरण के केस को फर्जी बता दिया था लेकिन इसके बावजूद पुलिस दबिश दे रही है। इंस्पेक्टर बिथरी संजय तोमर ने बताया कि आरोपियों को पकड़ने की कोशिश की जा रही है। दोनों आरोपी अपने घरों पर नहीं हैं। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जायगा। अपहृत महिला की बरामदगी की भी कोशिश की जा रही है।
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