प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम : 10 सेक्टर में बंटेगी अयोध्या, बनेगा पांच हजार की क्षमता वाला आश्रय स्थल

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Edited By Amrit Vichar
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प्रमुख स्थलों पर 22 वाटर कियोस्क व 50 टैंक टाइप स्टैंड पोस्ट की होगी स्थापना 

अयोध्या, अमृत विचार। राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सुविधाएं देने के लिए नगर निगम ने मास्टर प्लान तैयार किया है। सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए अयोध्या क्षेत्र को दस सेक्टरों में विभािजत किया जाएगा। भीड़-भाड़ के दौरान श्रद्धालुओं को मठ-मंदिरों तक जाने में परेशानी न हो इसके लिए साइनेज बोर्ड लगवाए जाएंगे। घाटों पर महिला श्रद्धालुओं के दृष्टिगत 150 चेंजिंग रूम बनाए जाएंगे। यही नहीं श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए दो माह तक के लिए निशुल्क आश्रय स्थल संचालित किया जाएगा। प्रकाश की व्यवस्था के लिए करोड़ों की लागत से डेकोरेटिव पोल लगाए जा रहे हैं। 
     
मेयर गिरीशपति त्रिपाठी ने बताया कि आश्रय स्थल में पांच हजार लोगों के ठहरने की व्यवस्था की गई है। सर्किट हाउस में समारोह की प्रस्तावित कार्ययोजना की जानकारी देते हुए मेयर ने बताया कि हम सभी के लिए गर्व का क्षण है। 22 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा करेंगे। इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर उनसे प्रस्तावित कार्ययोजनाओं पर मुहर लगवाई गई है। 

उन्होंने बताया कि देश विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो। इसके लिए 25 मे आई हेल्प यू कियोस्क की स्थापना विभिन्न स्थलों पर की जाएगी, जिसमें नियुक्त 50 मेला सारथी दो माह तक श्रद्धालुओं को सहायता प्रदान करेंगे। ठंडक को देखते हुए 300 गैस हीटर लगवाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 296 करोड़ रुपये की लागत से प्रमुख स्थलों पर 22 वाटर कियोस्क व 50 टैंक टाइप स्टैंड पोस्ट की स्थापना कराई जा रही है। निर्बाध जलापूर्ति के लिए 188.65 लाख की लागत से आवश्यक उपकरणों की खरीद कराई जा रही है। इस दौरान, नगर आयुक्त विशाल सिंह, अपर नगर आयुक्त वागीश शुक्ला, शशि भूषण राय, सहायक नगर आयुक्त अंकिता शुक्ला, मुख्य अभियंता रणधीर सिंह अािद मौजूद रहे। 

ढकी जाएंगी नालियां, 1500 शौचालय बनेंगे 
मेयर गिरीशपति त्रिपाठी ने बताया कि आने वाले कुछ दिनों में अयोध्या में बड़ा समारोह होने जा रहा है। इसलिए यहां की सफाई व्यवस्था को बेहतरीन बनाना है। इसके लिए आउटसोर्स के 1500 सफाई मित्रों की छह माह के लिए तैनाती की जाएगी। अयोध्या की कोई भी नालियां खुली नहीं रहेंगी। एक हजार स्थाई व 500 अस्थायी शौचालयों की स्थापना कराई जा रही है। 184.50 लाख की लागत से 30 मोबाइल टॉयलेट की आपूर्ति कराई जा रही है। घाटों की सफाई के लिए चार लिट पिकर मशीन, दो-दो स्वीपिंग और प्रेशर मशीन 147.64 लाख की लागत से खरीदी जाएंगी। कूड़े के निस्तारण के लिए 102.52 लाख की लागत से पांच एमआरएफ सेंटर निर्मित कराया जा रहा है। 

एक लाख झोले का होगा वितरण
अयोध्या धाम को प्लािस्टक मुक्त बनाने के लिए निगम ने बड़ा कदम उठाया है। एक लाख झोले का वितरण कराया जाएगा। इसके लिए सामाजिक संगठनों का सहयोग भी लिया जाएगा। लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए अवधपुरी अति रुचिर बनाई का संदेश देते हुए जागरुकता यात्रा निकाली जाएगी। 

निगम की ओर से कराए जा रहे हैं यह कार्य
1-क्षतिग्रस्त सड़कों को पं दीनदयाल उपाध्याय योजनान्तर्गत आच्छािदत करते हुए आठ नवीन मार्गों का निर्माण व 25 मार्गों के सुदृढ़ीकरण का कार्य 2362.58 लाख की लागत से कराया जा रहा है।
2-परिक्रमा मार्ग के निकट 32 संपर्क मार्गों का सुदृढ़ीकरण 1997.66 लाख की लागत से कराया जा रहा है।
3-जलभराव की समस्या के निदान के लिए 248.61 लाख की लागत से पांच नालों का निर्माण कराया जा रहा है। 
4-अयोध्या में खुली नािलयों को आरसीसी पिट कवर के माध्यम से ढके जाने व नालियों के सृदृढ़ीकरण कार्य 1014.51 लाख की लागत से कराया जा रहा है। 
5-198.24 लाख की लागत से अयोध्या के आठ चौराहे के सौंदर्यीकरण का कार्य प्रस्तािवत है।
6-गौशाला के विस्तारीकरण के लिए 329.80 लाख की परियोजना की स्वीकृित प्रदान करते हुए धनराशि आवंटित कर दी गई है।

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