गोंडा: अब इस्माइलपुर में मिला अवैध खनन, सात ट्रैक्टर ट्राली व एक लोडर पकड़ा
क्षेत्रीय लेखपाल ने पुलिस टीम संग की छापेमारी
उमरी बेगमगंज/गोंडा, अमृत विचार। उमरीबेगमगंज थाना क्षेत्र के ऐली परसौली में पकड़े गए अवैध मिट्टी खनन के एक दिन बाद ही क्षेत्र के इस्माइलपुर गांव में अवैध मिट्टी खनन का मामला सामने आया है। क्षेत्रीय लेखपाल ने पुलिस टीम के साथ मिलकर अवैध रूप से मिट्टी खनन कर रहे एक लोडर व सात ट्रैक्टर ट्राली पकड़ी है। पकड़े गए वाहनों को थाने ले जाया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
जनपद में अवैध खनन का कारोबार रुकने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को ऐली परसौली में करोड़ों रुपए की बालू खनन माफियाओं द्वारा खोद ले जाने का मामला सामने आया था। अब दो दिन बाद ही इस्माइलपुर गांव में अवैध मिट्टी खनन किए जाने का मामला सामने आया है। दरअसल उमरी थाने के बीट दरोगा विवेक मौर्या को इस्माइलपुर गांव में अवैध मिट्टी खनन किए जाने की सूचना मिली थी। इस सूचना पर उन्होने क्षेत्रीय लेखपाल रामेश्वर तिवारी को फोन कर बुला लिया और उनके साथ पुलिस टीम लेकर मौके पर पहुंच गए।
खनन स्थल पर एक लोडर मशीन मिट्टी खनन कर रही थी जबकि सात ट्रैक्टर ट्राली मिट्टी ढुलाई के काम में लगी थी। खनन के संबंध में पूछताछ करने पर खनन कर रहे लोग समुचित जवाब नहीं दे सके। उन्होने यह जरूर कहा कि सरकारी कार्य के लिए मिट्टी खनन किया जा रहा है लेकिन इस संबंध में वह कोई आदेश नहीं दिखा सके।
इस पर पुलिस व राजस्व लेखपाल ने सभी वाहनों को कब्जे में ले लिया और उन्हे थाने लेकर चले गए। थानाध्यक्ष संजीव वर्मा ने बताया कि बीट दरोगा व लेखपाल ने ट्रैक्टर ट्राली व लोडर को अवैध खनन करते हुए पकड़ा है। वाहनों को थाने पर खड़ा किया गया है। हालांकि लेखपाल की तरफ से इसकी सुपुर्दगी नहीं दी गयी है। मामले की जांच की जा रही है।
वाहनों के पकड़े जाते ही शुरू हो गया दबाव का खेल
बीट दरोगा की सूचना पर क्षेत्रीय लेखपाल ने इस्माइलपुर गांव में भले ही अवैध मिट्टी खनन का मामला पकड़ा हो लेकिन मामले में कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं जुटा सके हैं। यही कारण रहा कि वाहनों को थाने पर ले जाकर खड़ा करने के बाद वह बिना सुपुर्दगी नामा लिखे थाने से चले गए। पुलिस ने लेखपाल समेत खनन विभाग के अफसरों से भी संपर्क किया लेकिन इस मामले में सभी अपना पल्ला झाड़ते नजर आए।
दरअसल पुलिस व लेखपाल ने जैसे ही इस्माइलपुर गांव में मिट्टी खनन कर रहे वाहनों को पकड़ा वैसे ही उनपर वाहनों को छोड़ने के लिए दबाव व बनाने का खेल शुरू हो गया। मामला क्षेत्र के एक रसूखदार जनप्रतिनिधि से जुड़ा होने की जानकारी मिलते ही लेखपाल व खनन विभाग के हाथ पांव फूल गए।
जैसे तैसे वाहनों को थाने तो ले जाया गया लेकिन कार्रवाई करने के बजाय लेखपाल जांच की बात कहकर थाने से सरक गए। अवैध खनन कर रही गाड़ियां थाने तो पहुंच गई लेकिन उसे पुलिस की सुपुर्दगी में कौन देगा इस पर प्रश्न चिन्ह खड़ा हो गया है। थानाध्यक्ष या कहना है कि लेखपाल से सुपुर्दगीनामा देने के लिए कहा गया तो वह बिना कुछ लिखापढी किए चले गए।
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