बरेली: निजीकरण के विरोध में सांसद और विधायकों को दिए गए ज्ञापन

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बरेली, अमृत विचार। निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारियों ने आंदोल और हड़ताल से पहले जिले के सांसद और विधायकों को ज्ञापन देने का अभियान शुरू कर दिया है। शनिवार को कर्मचारियों ने कई विधायक और सांसद को ज्ञापन देने का अभियान शुरू कर निजीकरण वापस लेने की मांग की। माननियों ने बिजली कर्मचारियों की …

बरेली, अमृत विचार। निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारियों ने आंदोल और हड़ताल से पहले जिले के सांसद और विधायकों को ज्ञापन देने का अभियान शुरू कर दिया है। शनिवार को कर्मचारियों ने कई विधायक और सांसद को ज्ञापन देने का अभियान शुरू कर निजीकरण वापस लेने की मांग की। माननियों ने बिजली कर्मचारियों की समस्या का समाधान कराने को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है।

उत्तर प्रदेश विद्युत संयुक्त संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने भारत सरकार को पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के निजीकरण को रोकने को लेकर केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री संतोष गंगवार से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने केन्द्रीय मंत्री से कहा कि निजीकरण युवा पीढ़ी के रोजगार और जनता पर कुठाराघात है।

इसके बाद कर्मचारियों ने मंत्री को ज्ञापन दिया। इसके साथ ही विद्युत संयुक्त संघर्ष समिति ने शहर विधायक डा. अरुण कुमार, बिथरी विधायक राजेश मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल, नवाबगंज विधायक केसर सिंह गंगवार से भी मुलाकत कर निजीकरण के फैसले को वापस लेने के लिए ज्ञापन सौंपा।

समिति के संयोजक रणजीत चौधरी ने बताया कि भगत सिंह के जन्मदिन पर 28 सिंतबर को मशाल जलूस निकाला जाएगा। 29 सितंबर से प्रतिदिन तीन घंटे तक कार्य बहिष्कार किया जाएगा।

अगर सरकार ने निजीकरण का प्रस्ताव निरस्त नहीं किया तो 5 अक्टूबर को बिजली कर्मचारी पूरे दिन कार्य बहिष्कार करेंगे। इस मौके पर सहसंयोजक आर के झा,राजेन्द्र घिल्डियाल, गौरव शर्मा, मनीष गुप्ता, अमित चौधरी, रविन्द्र समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

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