अल्मोड़ा: वन विभाग को नहीं मिला बाघ, हटाए ट्रैप कैमरे 

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Edited By Amrit Vichar
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अल्मोड़ा, अमृत विचार। जिले के शौकियाथल और बिनसर में बाघ दिखने के बाद भी वन विभाग के हाथ निराशा ही हाथ लगी है। विभाग की टीमों ने दो सप्ताह तक घने जंगलों में कांबिंग तो की। लेकिन टीम के हाथ बाघ के पगचिन्ह तक नहीं लगे। मजबूरी में अब वन विभाग जंगलों में लगे ट्रैप कैमरे हटा लिए हैं और कांबिंग भी पूरी तरह बंद कर दी है। 

बीते दस दिसंबर को शौकिाथल और बिनसर क्षेत्र में कुछ लोगों ने एक बाघ को घूमते हुए देखा तो उन्होंने उसका वीडियो बना लिया। यह वीडियो जमकर वाइरल तो हुआ, लेकिन वन विभाग ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। लेकिन एक दो दिन के प्रभागीय वनाधिकारी ध्रुव सिंह मर्तोलिया ने इस क्षेत्र में बाघ को घूमते हुए देखा।

बाघ को देखने के बाद विभाग सकते में आ गया और आनन फानन में बिनसर, कनारीछीना और जागेश्वर रेंज में आठ टीमें तैनात कर बारह ट्रैप कैमरे भी जगह जगह लगा दिए गए। पिछले दो सप्ताह से लगातार वन विभाग की टीमें बाघ की खोज करती रही। लेकिन बाघ का कोई सुराग हाथ नहीं लगा।

दो स्पताह की कड़ी मेहनत के बाद भी कोई सफलता ना मिलने के बाद अब वन विभाग ने बाघ की खोज बंद कर दी है। रेंजी केवलानंद पांडे ने बताया कि वन विभाग की टीम तीनों रेंजों में सघन काबिंग कर चुकी है। लेकिन कहीं भी बाघ के होने का सुराग नहीं मिला। इस बीच कोई घटना भी सामने नहीं आई है। इसलिए संभावना जताई जा रही है कि कार्बेट क्षेत्र से भटक कर यहां पहुंचा बाघ अब वापस लौट गया होगा। पांडे ने बताया कि उच्च अधिकारियों के निर्देश पर अब ट्रैप कैमरे हटा लिए गए हैं और कांबिंग भी बंद कर दी गई है।

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