मेगा फूड पार्क: आबाद होने से पहले ही मंडराने लगा खतरा
बरेली/बहेड़ी, अमृत विचार। बरसों बाद यूपी इन्वेस्टर समिट के जरिए मेगा फूड पार्क में इकाइयां स्थापित होने की नौबत आई लेकिन किच्छा नदी के कटान ने निवेशकों को डरा दिया। फूड पार्क की सुरक्षा दीवार के पास इंडस्ट्री लगाने की तैयारी कर रहे एक निवेशक ने अपना प्रोजेक्ट रोक दिया है। भविष्य में खतरा बढ़ने की आशंका के चलते यूपीसीडा को भी अलर्ट किया गया है।
अपना प्रोजेक्ट स्थगित करने वाले हर्षित नाम के निवेशक ने किच्छा नदी के कटान से खतरा बताकर अफसरों से सुरक्षा दीवार बनाने की मांग की थी लेकिन सुरक्षा दीवार नहीं बनी। इंडस्ट्री स्थापित करने के लिए जब उन्होंने प्लॉट खरीदा था, तब नदी 75 मीटर दूर कटान कर रही थी लेकिन अब 30 मीटर की दूरी तक आ गई है। प्रोजेक्ट पर काम रुक जाने से अफसरों की चिंता भी बढ़ गई है। हालांकि फिर भी दिलचस्प बात यह है कि जिला उद्योग विभाग के अधिकारियों का कहना है कि हर्षित का प्लॉट यूपीसीडा के अंतर्गत आता है लेकिन यूपीसीडा के साथ प्रशासनिक अधिकारी भी फूड पार्क के बाहर निजी जमीन बता रहे हैं।
बता दें कि किच्छा नदी मेगा फूड पार्क की पश्चिमी सीमा में यू आकार में करीब सौ मीटर क्षेत्र में कटान कर रही है। पिछले साल यहां कटान रोकने के लिए पैचिंग कराई गई थी लेकिन बाढ़ में पैचिंग बह गई। हर्षित का प्लाट नदी और फूड पार्क की दीवार के बीच में है। साफ लग रहा है कि अगर कटान लगातार होता रहा तो मेगा फूड पार्क भी उसकी जद में आ सकता है।
निवेशक ने जब मेगा फूड पार्क की दीवार से सटी निजी भूमि खरीदी थी तब किच्छा 50 मीटर दूर कटान कर रही थी, अब 30 मीटर दूरी पर है। हर्षित की मांग पर सिंचाई विभाग को सुरक्षा दीवार बनवाने के लिए कहा है। पहले बजट जारी हुआ था जिसकी समीक्षा का भी निर्देश दिया है। अगर मेगा फूड पार्क के लिए कोई खतरा महसूस होगा तो यूपीसीडा के अधिकारी देखेंर्गे। - जग प्रवेश, सीडीओ
उद्योग और यूपीसीडा के अफसरों में विरोधाभास
जिला उद्योग केंद्र के सहायक प्रबंधक कौशल श्रीवास्तव का कहना है कि जिस जगह उद्योग लगना है, वह यूपीसीडा की जमीन है। कटान की वजह से निवेशक ने उद्योग लगाने से इन्कार कर दिया है। पूरा मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में है।
यूपीसीडा के क्षेत्रीय प्रबंधक मंसूर कटियार के मुताबिक किच्छा नदी के कटान से अभी मेगा फूड पार्क के किसी प्लॉट को कोई खतरा नहीं है। नदी का कटान पार्क की सुरक्षा दीवार से काफी दूर है। जिस निवेशक का मामला उद्योग बंधु बैठक में उठा था, उनका प्लॉट पार्क में नहीं है। उधर, बाढ़ खंड के एई अमित किशोर ने बताया कि इस क्षेत्र में बाढ़ से कटान रोकने के लिए प्रस्ताव बना था, इसमें किसानों की कुछ जमीन भी इस्तेमाल होनी थी लेकिन वे राजी नहीं हुए। मेगा फूड पार्क तक कटान की आशंका पर यूपीसीडा से संपर्क करेंगे।
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