बरेली: 300 बेड अस्पताल में मरीजों की फजीहत, डॉक्टर साहिबा का इलाज से इनकार, लौटीं तो सुनिए बहाना..

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। प्रदेश की योगी सरकार सभी सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं दुरस्त रखने की लगातार प्रयास कर रही है, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो और उन्हें समुचित इलाज मिल सके। लेकिन इन सब के उलट मरीजों को सरकारी अस्पतालों में फजीहत के साथ काफी परेशानियों का भी सामना करना पड़ रहा है। ऐसा ही नजारा बरेली के 300 बेड अस्पताल में देखने को मिला है। 

जहां ओपीडी के मरीजों की ज्यादा संख्या देख डॉक्टर साहिबा का पारा चढ़ गया और उन्होंने मरीजों को देखने से ही इनकार कर दिया और वह चलती बनीं। इस दौरान दूर-दराज के आए तमाम मरीज घंटों इंतजार के बाद बिना दवाई लिए ही मायूस होकर अपने घरों को लौट गए। वहीं इस बीच अमृत विचार टीम की अस्पताल परिसर में मौजूदगी की भनक लगते ही डॉक्टर साहिबा वापस लौटीं और अस्पताल के बाहर बेंच पर ही मरीजों को देखना शुरू कर दिया। लेकिन मरीजों से अभद्रता जारी रही।

बता दें कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों से अभद्रता करने के मामले सामने आते ही रहते हैं। वहीं डॉक्टरों का कभी इलाज करने से मना कर देना और ओपीडी छोड़कर चले जाना आम बात हो गई है। दरअसल, अधिकतर मरीज महंगे इलाज से बचने के लिए सरकारी अस्पताल का रुख करते हैं, ताकि कम खर्च में उनका उपचार हो सके और कोई जांच कराने में भी रुपए खर्च न हों। लेकिन 300 बेड अस्पताल पहुंचने पर ज्यादातर मरीजों और तीमारदारों की उम्मीद टूट जाती है।

कई दिनों से अस्पताल के चक्कर लगा रहे मरीजों ने बताया कि ओपीडी के कमरा नंबर- एक की फिजीशियन डॉक्टर हरमीत पुरी अक्सर खानापूर्ति करती नजर आती हैं। कभी ओपीडी में समय से न आना, तो कभी मरीजों का इलाज करने से ही मना कर देना। ऐसा ही कुछ मंगलवार को भी देखने को मिला। जिसमें ओपीडी के बाहर मरीजों की लंबी लाइन लगी हुई थी। 

अचानक 12 बजे डॉक्टर हरमीत पुरी ओपीडी छोड़कर जाने लगीं। जब मरीजों ने उनसे पूछा तो डॉक्टर हरमीत ने इलाज करने से साफ मना कर दिया। जिसके बाद वह अपनी कार में बैठकर चली गईं। इस दौरान अमृत विचार टीम ने ओपीडी के बाहर मरीजों की लंबी लाइन लगी देखी, तो मामले की जानकारी करने लगी। जिसकी खबर मिलते ही डॉक्टर हरमीत वापस लौट आईं और अस्पताल के बाहर ही बेंच पर ओपीडी के मरीजों को बुलाकर देखना शुरू कर दिया। 

इस दौरान डॉक्टर साहिबा मरीजों के साथ अभद्रता करते हुए हमारे कैमरे में कैद हो गईं, लेकिन बावजूद इसके उनके तेवर तल्ख ही रहे। उनका कहना था कि अस्पताल में सिर्फ वही हैं जो ओपीडी के मरीजों को देख रही हैं और उनकी तबीयत भी खराब है। ऐसे में वो आखिर कितने मरीजों को देखें। 

वहीं अस्पताल में उपचार कराने पहुंचे मरीज नासिर, संजय भारद्वाज और सलमा समेत तमाम मरीजों का कहना है कि वह एक घंटे से डॉक्टर साहिबा से मिलने का इंतजार कर रहे थे लेकिन वह लाइन में खड़े रह गए और डॉक्टर साहिबा उपचार करने से इनकार करती हुई ओपीड़ी छोड़कर चलती बनी।

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