हल्द्वानी: चलते-चलते हांफा सर्वर, मरीज हुए परेशान
हल्द्वानी, अमृत विचार। डॉ. सुशीला तिवारी राजकीय अस्पताल का हॉस्पिटल इन्फार्मेशन सिस्टम (एचआईएस) बुधवार को फिर चलते-चलते हांफ गया। इससे पर्चा बनवाने के लिए लाइन में खड़े मरीजों को खासी परेशानी उठानी पड़ी।
सुबह लगभग साढ़े आठ बजे से ओपीडी पर्चा काउंटर पर मरीजों की लाइन लगनी शुरू हो गई थी। शुरूआत में पर्चे तेजी से बनने लगे, लेकिन जैसे-जैसे मरीजों की भीड़ बढ़ती गई वैसे-वैसे एचआईएस का सर्वर डाउन होता चला गया। करीब 12 बजे तक सर्वर पूरी तरह जाम हो गया। एक पर्चा बनाने में 5 से 7 मिनट का समय लग रहा था।
लाइन में खड़े मरीजों का सब्र टूटा तो वह काउंटर पर बैठे कर्मचारियों से उलझ गए। इतना ही नहीं लाइन तोड़कर आगे आ रहे लोगों से भी मरीजों की कहासुनी हो गई। बाद में सर्वर ठीक होने के बाद राहत की सांस ली। बता दें कि एसटीएच में उत्तराखंड फॉरेस्ट हॉस्पिटल ट्रस्ट के समय एचआईएस सिस्टम लागू हुआ था।
2010 में अस्पताल का राजकीयकरण होने के बाद 2011 में एचआईएस सिस्टम को अपग्रेड करने की प्रक्रिया शुरू हुई जो अभी तक परवान नहीं चढ़ पाई है। आये दिन मरीज परेशानी उठाने को मजबूर हैं।
आयुष्मान योजना का सर्वर भी धड़ाम
एसटीएच में बुधवार को आयुष्मान केंद्र का सर्वर भी धड़ाम हो गया। जिसके चलते मरीजों के नए कार्ड और भर्ती नहीं हो पाई। सर्वर की धीमी गति के कारण मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। हालांकि बाद में सर्वर के ठीक होने पर मरीजों को राहत मिली।
एचआईएस सिस्टम काफी पुराना हो गया है। इसका अपग्रेडेशन होना है। इस मामले में मुख्यालय को पत्र लिखा गया है। जल्द ही समस्या का हल निकलने की उम्मीद है।
- डॉ. अरुण जोशी, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी
