बदायूं: डायलिसिस मशीनें खराब और डिप्टी सीएम से करा दिया शुभारंभ, 3 में 2 मशीनें खराब
बिजली की समस्या के चलते तीसरे बेड पर भर्ती नहीं हुए मरीज
बदायूं, अमृत विचार : जिला अस्पताल में शुरू किए गये डायलिसिस यूनिट में कई तरह की समस्याएं हावी हैं। यहां पर तीन मशीनों में से दो मशीनें बारह दिन से खराब पड़ी हैं। जिन पर मरीज भर्ती नहीं किए जा रहे हैं, फिर भी अस्पताल प्रशासन ने डिप्टी सीएम से वर्चुअल उद्घाटन करा दिया। डायलिसिस यूनिट की समस्याओं के बारे में नहीं बताया गया।
जिला अस्पताल में डीसीडीसी कंपनी ने डायलिसिस यूनिट लगाया है। कंपनी ने जुलाई अगस्त में यूनिट लगाया था। जो कुछ समय चलने के बाद कुछ समस्याओं के चलते बंद हो गया। डायलिसिस यूनिट बंद हो जाने से अस्पताल प्रशासन ने लिखा पड़ी की थी। कंपनी को भुगतान न होने के कारण यूनिट नहीं चल पाया था।
कंपनी संचालक ने किसी तरह यूनिट को चालू कराया है। तीन वेड वाले डायलिसिस यूनिट में करीब बारह दिन से दो डायलिसिस मशीनें बंद पड़ी हैं। मात्र एक मशीन काम कर रही है। ऐसी स्थिति में अस्पताल प्रशासन ने गुरुवार को आनन फानन में डिप्टी सीएम वृजेश पाठक से वर्चुअल उदघाटन भी करा दिया गया।
डिप्टी सीएम को डायलिसिस यूनिट की बंद मशीनों के बारे में नहीं बताया गया और न ही यहां पर स्टाफ की कमी के बारे में बताया गया। बर्चुअल उद्घाटन कराने के बाद अस्पताल प्रशासन ने अपनी पीठ थपथपा ली है। डायलिसिस यूनिट में मात्र एक मशीन ही काम कर रही है। इस मशीन पर उसावा निवासी मिथिलेश को शुक्रवार को सुबह भर्ती कराया गया।
डायलिसिस यूनिट में बिजली सप्लाई बाधित होने से मिथलेश का डायलिसिस भी नहीं हो सका। वह सुबह से बेड पर भर्ती हैं। परिजनों का कहना है कि डायलिसिस यूनिट में अव्यवस्थाएं हावी हैं जिससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मिथलेश की हालत खराब है। उन्हे वेड पर बिठा कर डायलिसिस यूनिट का स्टाफ इधर उधर घूम रहा है।
डायलिसिस यूनिट में अभी तक 70 लोगों का डायलिसिस किया जा चुका है। डायलिसिस यूनिट में मेडिकल अफसर नहीं है फिर भी अभी तक किसी तरह की समस्या सामने नहीं आयी है। आज बिजली सप्लाई न होने के कारण मशीन नहीं चली है। सप्लाई शुरू होने के बाद डायलिसिस किया जाएगा।
डायलिसिस यूनिट की रिपोर्ट एडी हेल्थ को दे दी गयी है। एडी हेल्थ पुष्पा पंत ने आज डायलिसिस यूनिट के बारे में बात की थी। उन्हे डायलिसिस यूनिट के उदघाटन की रिपोर्ट दे दी गयी है।- डा. कप्तान सिंह - सीएमएस जिला अस्पताल
