सुरक्षा से खिलवाड़: स्पीड ब्रेकर लगने के सात दिन बाद हुए खराब
बरेली, अमृत विचार। पीलीभीत रोड पर लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लगाए गए प्लास्टिक के स्पीड ब्रेकर की गुणवत्ता ने सिस्टम की पोल खोल दी। स्पीड ब्रेकर सात दिन में ही खराब होने लगे हैं। जगह-जगह स्पीड ब्रेकर की प्लास्टिक गायब होने से इसे लगाने के लिए सड़क पर ठोकी गई कील से आवाजाही में दिक्कत हो रही है। हादसे का भी खतरा बना हुआ है।
पिछले दिनों सड़क सुरक्षा पखवाड़ा के तहत पीलीभीत रोड पर चिह्नित ब्लैक स्पॉट डोहरा, संजय नगर मोड़ और मयूर वन चेतना केंद्र के पास तेज वाहनों की गति पर अंकुश लगाने के लिए प्लास्टिक के स्पीड ब्रेकर लगवाए गए थे। इस पर हजारों रुपये खर्च किए थे, मगर कुछ दिन में ही इनके खराब होने से वाहन चालकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सबसे अधिक परेशानी दोपहिया वाहन चालकों हो रही है। एक्सईएन प्रांतीय खंड नारायण सिंह का कहना है कि प्लास्टिक वाले ब्रेकर यदि नहीं टिकेंगे तो जल्द ही इनमें बदलाव करा दिया जाएगा।
स्पीड ब्रेकर के लिए यह है नियम
नियमों के मुताबिक किसी भी सड़क पर स्पीड ब्रेकर के निर्माण से पहले वहां ट्रैफिक का सर्वे किया जाता है।जहां स्पीड ब्रेकर बनाए जाते हैं, वहां ट्रैफिक का प्रेशर कितना है, उसके आधार पर निर्माण की तकनीक, मोटाई, मेटेरियल के मापदंड तय होते हैं, लेकिन यहां खानापूरी की गई। लिहाजा, प्लास्टिक के स्पीड ब्रेकर टिक नहीं पाए।
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