पीलीभीत: किसान नेता वीएम सिंह बोले- हक की लड़ाई लड़ने वाले को लोग चुनाव के वक्त जाते हैं भूल 

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हस्तलिखित पत्रिका का किसानों से कराया विमोचन

पीलीभीत/बिलसंडा, अमृत विचार। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के मुखिया सरदार वीएम सिंह ने कहा कि पिछले 30 वर्षों से वह किसानों के हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। लाखों गन्ना किसानों को कोर्ट के माध्यम से आर्थिक लाभ दिलाने में अहम भूमिका निभाई, लेकिन जब भी चुनाव का समय आया तो जाति धर्म को वरीयता दे दी। यह भूल गए कि उनके हक की लड़ाई कौन लड़ रहा।

रविवार को गांव झम्पा बाग में आयोजित किसान महापंचायत में किसान नेता वीएम सिंह ने कही। महापंचायत के दौरान उन्होंने किसानों से ही तीस सालों के संघर्ष की हस्तलिखित पत्रिका का विमोचन कराया। ये भी एलान किया कि पत्रिका में वर्णित मामलों को झूठा साबित करने वाले को वह पांच करोड़ रुपए बतौर जुर्माना देंगे।

झम्माबाग गांव में हुई महापंचायत में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए वीएम सिहं ने गन्ने का भाव बढ़कर 500 रुपए प्रति कुंतल किए जाने की मांग उठाई।  विधानसभा एवं लोकसभा में किसानों का भी 10 फीसदी आरक्षण किए जाने की भी बात रखी। कहा कि उन्होंने किस तरह प्रयास करके बड़ी रेल लाइन स्वीकृत कराई, लेकिन इसका श्रेय लेने बड़े नेता आगे आ गए। एक वरिष्ठ नेता ने तो जिले में पोस्टर भी चस्पा करा दिए थे। बोले- वह किसी लालच के लिए नहीं आए हैं। बल्कि आपके हक की लड़ाई लड़ने के लिए समय-समय पर आते हैं। 

कहा कि अब जिंदगी के जिस पड़ाव पर पहुंच गए हैं, ऐसे में अब उन्हें कोई धोखा न दे। किसानों  की उपज का जब तक मूल्य फिक्स नहीं हो जाता, तब तक किसानों को फसल का बाजिव दाम नहीं मिल पाएगा। इसलिए सरकार एमएसपी लागू कर किसानों से किए गए अपने वादे को पूरा करे। उन्होंने पिछले 30 वर्षों में किए गए संघर्ष का भी लोगों के समक्ष बखान किया।

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