रुहेलखंड जोन में कम हुए सारस तो बरेली में बढ़ा कुनबा, शीतकालीन गणना में जोन में संख्या घटकर हुई 2233
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बरेली, अमृत विचार: राजकीय पक्षी सारस की जोन में गर्मियों की तुलना में ठंडक में संख्या कम हो गई है। गर्मी के मौसम में गणना में जहां 2407 सारस चिह्नित किए थे तो शीतकालीन गणना में 2233 रह गए हैं, हालांकि जिले में सारस की संख्या बढ़ी है।
सारस के संरक्षण को शासन की तरफ से विशेष निर्देश हैं। जिले में अलग-अलग वेटलैंड पर सारस की शीतकालीन गणना के अनुसार बरेली जिले में 342 जिनमें 284 व्यस्क व 58 बच्चे सारस चिह्नित हुए हैं, जबकि गर्मियों में 323 चिह्नित हुए थे। इसके अलावा बदायूं में 127 जिनमें 115 व्यस्क व 12 बच्चे, पीलीभीत टाइगर रिजर्व में शून्य, पीलीभीत सामाजिक वानिकी में 93 व्यस्क व छह बच्चे, मुरादाबाद में 60 व्यस्क व 14 बच्चे,
रामपुर में आठ व्यस्क, बिजनौर में 113 व्यस्क व 26 बच्चे, नजीबाबाद में 16 व्यस्क व तीन बच्चे, अमरोहा में शून्य, संभल में 15 व्यस्क चिह्नित किए गए हैं। मुख्य वन संरक्षक रुहेलखंड जोन बी प्रभाकर ने बताया कि हर छह महीने में सारस गणना कराई जाती है। विभाग सारसों के संरक्षण को कार्य कर रहा है।
सारसों को भा रहे शाहजहांपुर के वेटलैंड
पूरे बरेली वृत्त में जहां वन विभाग को 1879 सारस मिले हैं, इनमें शाहजहांपुर जिला सबसे आगे है। शीतकालीन गणना के दौरान वन विभाग की टीमों ने शाहजहांपुर में सबसे ज्यादा 1131 व्यस्क, 279 बच्चे सहित 1410 सारस चिह्नित किए हैं। जिससे जाहिर होता है कि सारसों को शाहजहांपुर के वेटलैंड भा रहे हैं।
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