कासगंज: अभिशाप बन रहा है आसमान से गिरता पाला, आलू, सरसों सहित कई फसलों को हो रहा नुकसान 

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

फसलों को पाले से बचाने के लिए किसान करें उपाय

कासगंज, अमृत विचार : ज्यों ज्यों कोहरा छट रहा है और धूप न निकलने से आसमान से गिरता पाला फसलों के लिए अभिशाप बन रहा है। फसलों को पाले से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए किसानों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। फसलों की सुरक्षा के लिए उपाय अपनाने चाहिए है। उपायों को अपनाकर किसान पाले से होने वाले नुकसान से फसलों को बचा सकते हैं। बीते दिनो हुई तापमान में गिरावट के साथ पाला भी पड़ा।

यह पाला सरसों और आलू की फसल के लिए नुकसानदायी साबित हुआ है। भले ही अभी फसलों को कोई खास नुकसान पाले से नहीं हुआ है, लेकिन यदि आने वाले दिनों में निरंतर पाला पड़ता है तो यह पाला फसलों के लिए अभिशाप बन सकता है। पाला पड़ने से पहले ही संभावना सामने आते ही किसानों इसके लिए उपाय करने चाहिए। जिससे खेती को पाले से होने वाले नुकसान से बचाया जा सकता है।

पाले से सब्जी की फसल को भी नुकसान होता है। इससे सब्जियां सड़ गल जाती हैं। किसानों को भारी क्षति होती है। वैसे अभी तक पाला न्यूनतम चार डिग्री तक जा चुका है। यदि तापमान और गिरता है और पाला गिरता है तो टमाटर, पत्ता गोभी, फूल गोभी, बैंगन की फसल को भी नुकसान हो सकता है। 

कैसे करें बचाव : कृषि विशेषज्ञ राजकुमार सिंह बताते हैं कि जिन दिनों पाला पड़ने की संभावना नजर आए तो फसलों को पाले से बचाने के लिए गंधक के तेजाब के 0.1 फीसद घोल का छिड़काव करना चाहिए। इससे पाले का असर कम होता है। एक लीटर गंधक के तेजाब में एक हजार लीटर पानी में घोलकर एक हेक्टेयर क्षेत्र में प्लास्टिक के स्प्रे से छिड़काव करना चाहिए। 

जिले में अभी तक पाले से फसल कोई नुकसान नहीं है। किसानों को निरंतर जागरूक किया जा रहा है। उन्हें पाले से फसलों को बचाने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। - अवधेश मिश्रा, जिला कृषि अधिकारी

ये भी पढ़ें - कासगंज: सोरों ही है तुलसीदास की जन्मस्थली, इसके हैं तमाम प्रमाण

संबंधित समाचार