Banda: कोर्रही प्रधान पर गबन के आरोप, कब्रिस्तान में टेंडर से हड़पे लाखों, जांच के लिए समिति गठित...

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बांदा में कोर्रही प्रधान पर गबन के आरोप लगे हैं।

बांदा में कोर्रही के प्रधान मोहम्मत अकरम खां और सचिव रामचन्द्र ने आपस में सांठ-गांठ करके फर्जी टेंडर प्रक्रिया, एमबी तथा स्टीमेट में धोखाधड़ी कर लाखों रूपये का गबन किया है।

बांदा, अमृत विचार। विकास खंड बिसंडा की ग्राम पंचायत कोर्रही के प्रधान मोहम्मत अकरम खां और सचिव रामचन्द्र ने आपस में सांठ-गांठ कर फर्जी टेंडर प्रक्रिया, एमबी तथा स्टीमेट में धोखाधड़ी कर लाखों रूपये का गबन किया है। जिला पंचायत राज अधिकारी ने जब मामले की जांच की तो आरोप सही पाए। 

इस पर जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने कोर्रही प्रधान की वित्तीय एवं प्रशासनिक शक्तियां प्रतिबंधित कर अंतिम जांच पूरी होने तक ग्राम सभा के कार्यों के संचालन के लिए नियमानुसार सीडीओ व डीपीआरओ को समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जिला विकास अधिकारी निर्देश दिया है कि जांच में दोषी पाये गये सचिव ग्राम पंचायत के विरूद्ध अनुशासनिक कार्यवाही सुनिश्चित करें। 

प्रधान ग्राम पंचायत कोर्रही अकरम खां व सचिव रामचंद्र ने साठगांठ करके कब्रिस्तान में मिट्टी पुराई का दो फर्मों को फर्जी तरीके से भुगतान कर दिया, जबकि मौके पर कोई कार्य हुआ ही नहीं है। गांव के ही अब्दुल रईस खां ने इस संबंध में जिलाधिकारी से लिखित शिकायत की थी। जिस पर जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी को जांच अधिकारी नामित किया था। 

जांच में पाया गया कि ग्राम पंचायत कोर्रही प्रधान अकरम खां एवं सचिव रामचन्द्र ने अपने ऊपर आरोपों लगाए गए आरोपों का उत्तर प्रस्तुत किया। इस आधार पर ग्राम प्रधान एवं सचिव द्वारा प्रेषित उत्तर एवं संलग्न साक्ष्यों का परीक्षण किया गया। 

ग्राम प्रधान व सचिव का कहना था कि हुसैनखानी कब्रिस्तान में 9.5 लाख रुपये की मिट्टी पुराई के लिए निविदा का एक अखबार के माध्यम से प्रकाशन कराया गया, लेकिन वे साक्ष्य उपलब्ध नहीं करा पाए। पाया गया अन्तिम भुगतान के मध्य कब्रिस्तान में कोई मिट्टी पुराई का कार्य भी नहीं हुआ। आठ लाख सात हजार रुपये के भुगतान से सम्बन्धित कोई बिल भी प्रस्तुत नहीं किया गया और न ही इसमें किसी फर्म का ही उल्लेख किया। मिट्टी पुराई से संबंधित कोई फोटोग्राफ्स भी नहीं उपलबध कराए गये। 

ग्राम प्रधान व सचिव ने फर्म लक्ष्मी ट्रेडर्स का टेण्डर स्वीकृत करवाकर बिना किसी बिल के अखिल ट्रेडर्स व नौकर किशन सिंह मौर्य के खाते में तीन लाख 90 हजार रुपये एवं रामबरन सिंह के खाते में 4.8 लाख सात हजार रुपये कुल आठ लाख सात हजार रुपये का भुगतान करवाकर सरकारी धन का गबन किया। जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने अपने आदेश में कहा है कि टेंडर प्रक्रिया पूरी तरह से फर्जी पाई गई। ग्राम प्रधान व सचिव ग्राम पंचायत कोर्रही दोषी पाए गए। 

जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने कोर्रही प्रधान की वित्तीय एवं प्रशासनिक शक्तियां प्रतिबंधित कर अंतिम जांच पूरी होने तक ग्राम सभा के कार्यों के संचालन के लिए नियमानुसार सीडीओ व डीपीआरओ को समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जिला विकास अधिकारी निर्देश दिया है कि जांच में दोषी पाये गये सचिव ग्राम पंचायत के विरूद्ध अनुशासनिक कार्यवाही सुनिश्चित करें।

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