हल्द्वानी: दुष्कर्म से बरी होने को बना तस्कर, चरस के साथ हुआ अंदर

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Edited By Amrit Vichar
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हल्द्वानी, अमृत विचार। सिर पर दुष्कर्म का आरोप था, लेकिन जेब में इतने पैसे नहीं थे कि केस लड़कर माथे लगा कलंक मिटा पाता। मेहनत के बजाय दुष्कर्म के आरोपी ने पैसा कमाने का शार्टकट अपनाया और जिस कानून से बचने की कोशिश में जुटा था उसी के हत्थे चढ़ गया। पुलिस ने दुष्कर्म के आरोपी को 314 ग्राम चरस के साथ गिरफ्तार किया। उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया और कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया। 

काठगोदाम की खेड़ा चौकी प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि बीती 8 जनवरी को वह हे.कां, हरवंश सिंह राणा और कां. त्रिलोक के साथ चेकिंग गश्त पर थे। गौलापार हैलीपैड के पास बागजाला तिराहे पर एक व्यक्ति पुलिस टीम को देखकर भागा तो उसे पकड़ लिया गया। तलाशी में उसके पास से चरस बरामद हुई।

पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम बागजाला गौलापार निवासी विक्की जोशी पुत्र खीमानंद जोशी बताया। विक्की ने बताया कि रुद्रपुर में उसके खिलाफ दुष्कर्म का एक केस चल रहा है, लेकिन केस लड़ने के लिए उसके पास पैसे नही हैं। कुछ दिन पहले वह रूद्रपुर अपनी तारीख पर गया था। घर लौटते समय मैक्स में हरीश नाम के लड़के से दोस्ती हो गई। उसे अपनी आर्थिक के बारे में बताया तो उसने पैसा कमाने का शार्टकट बताया। कहा, उसके पास आधा किलोग्राम चरस है, जो वह 400 रुपये तोला के हिसाब से उसे देगा।

हरीश ने चरस के लिए उसे हल्द्वानी स्थित डीके पार्क बुलाया। इधर, विक्की ने जानकारी जुटाई तो पता लगा कि 1000-1200 रुपये एक तोला व एक छड़ 1000-2000 रुपये तक टूरिस्ट और नशेड़ी खरीदते हैं। वह लालच में आ गया और किसी से 12 हजार रुपये उधार लेकर हरीश से चरस खरीद ली। अब दुष्कर्म के आरोप के साथ उस पर चरस तस्करी का आरोप भी लग गया। 

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