पीलीभीत: ऐतिहासिक घंटाघर का होगा उद्धार, नए स्वरूप में दिखेगी घड़ी
जर्जर हिस्से की होगी मरम्मत, घड़ी भी कराई जाएगी चालू
पीलीभीत, अमृत विचार: शहर की ऐतिहासिक धरोहर घंटाघर के भी अब जल्द दिन बहुरेंगे। ब्रहमचारी घाट के सौंदर्यीकरण के साथ घंटाघर का भी रंग रोगन करने के अलावा घड़ी को ठीक कराया जाएगा। इस भवन की मरम्मत कराने के अलावा यहां घड़ी भी लगाई जाएगी, जो आकर्षण का केंद्र रहेगी।
शहर में प्राचीन काल में ब्रिटिश हुकूमत में बना घंटाघर जनपद की धरोहरों में गिना जाता था। बुजुर्गों के मुताबिक यह घंटाघर कभी पूरे शहर को अल सुबह उठाया करता था, जो जिले की शान था। इस एरिया में दुकान करने वाले व्यापारी इस घड़ी के सहारे ही अपनी दिनचर्या तय करते थे। लेकिन अनदेखी के चलते इसमें लगा पीतल का एक वजनी घंटा व घड़ियों का सामान गायब हो गया।
पूर्व में इसका उद्धार कराने के प्रयास किए गए। मगर सफलता नहीं मिल सकी। कुछ साल पहले सिर्फ घंटाघर की रंगाई पुताई कराकर छोड़ दिया गया था। जिसका अब दोबारा से उद्धार कराने की तैयारी चल रही है। बंधन योजना के तहत ब्रह्मचारी घाट पर होने पर वाले सौंदर्यीकरण कार्य में घंटाघर को भी शामिल किया गया है।
घंटाघर की मरम्मत कराने के अलावा साफ सफाई कराई जाएगी। रही बात घड़ी की इसको लेकर इंजीनियर को बुलवाया जाएगा। जहां एक नई घड़ी स्थापित कराई जाएगी। क्योंकि पुराने घंटे के उपकरण मिलना भी संभव नहीं है। चेयरमैन डॉ. आस्था अग्रवाल ने बताया कि ऐतिहासिक धरोहरों की देखरेख की जरुरत है। नगर पालिका द्वारा सालों से बंद पड़े घंटाघर का चालू कराने का प्रयास किया जा रहा है।
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