पीलीभीत: संघर्ष को ऐतिहासिक बनता देख गौरवान्वित हुए कारसेवक और उनके परिवार
पीलीभीत, अमृत विचार: अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी को होनी है। इसके लिए तराई का माहौल राममय बन चुका है। घर-घर अक्षत और श्री राम मंदिर के फोटो बांटकर दीपोत्सव मनाने की अपील की जा रही है। इन सबके बीच श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान साढ़े तीन दशक पहले राम भक्तों के अमूल्य योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है।
1990 के दशक में कई ऐसे कारसेवक रहे, जोकि जेल में रहे। मगर उसके बाद भी राम नाम की अलख जगाने का हौसला कम न हुआ। दो साल बाद कार सेवा हुई तो अयोध्या भी गए। अब होने जा रही प्राण प्रतिष्ठा को लेकर परिवार समेत उत्सव की तरह मनाने की तैयारी कर चुके हैं।
कस्बा बरखेड़ा निवासी भारतीय जनता पार्टी के जिला महामंत्री संगठन रहे मास्टर गोपी कृष्ण सक्सेना का अब निधन हो चुका है। 1990 के आंदोलन में वह लंबे अरसे बदायूं की जेल में बंद थे। इससे पहले भी वह आपातकाल के दौरान डेढ़ साल कारागार में बंद रहे थे।
मास्टर गोपी कृष्ण सक्सेना के पुत्र अधिवक्ता अजीत कुमार सक्सेना का कहना है कि राम जन्मभूमि आंदोलन में उनके पिताजी का अमूल्य योगदान रहा। अब प्राण प्रतिष्ठा के क्षणों को उनका पूरा परिवार पूरे भक्ति भाव से देखेगा। बरेली से ही राम ज्योति लाने वालों की अगुवाई वरिष्ठ अधिवक्ता राधेश्याम सक्सेना ने की थी।
उन्होंने अपने विधि व्यवसाय के 50 साल भी पूरे किए थे। घर के बाहर मंदिर में इसे सुरक्षित रखा गया था। उनका निधन हो चुका है। उनकी पुत्री अर्चना सक्सेना ने बताया कि पारिवारिक जन गौरवान्वित है कि पिता का श्री राम मंदिर में योगदान है। पूरा परिवार प्रसन्न है और प्राण प्रतिष्ठा के दिन इसे भव्य रुप से मनाएंगे।
नब्बे के दशक में राम जन्मभूमि आंदोलन में जब कार सेवा का मौका मिला था। उस वक्त कार सेवकों की ओर से किए गए संघर्ष को ऐतिहासिक बनता देख हर्ष हो रहा है। बदायूं की जेल में बंद भी रहे। अब मंदिर निर्माण हो रहा है। इसे परिवार के साथ मनाएंगे, काफी प्रसन्नता हो रही है--- मनोज जायसवाल, बिलसंडा।
पिता उत्तम कुमार अग्रवाल बरेली से राम ज्योति पीलीभीत लाने वालों में शामिल रहे थे। उनका तो निधन हो चुका है। परिवार को इस बात का गर्व है। 22 जनवरी को होने वाली रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दिन को समारोह के रुप में पूरा परिवार मिलकर मनाएंगा। दूसरों को भी जागरूक कर रहे हैं--- अनिल कुमार, जाटो चौराहा।
उस वक्त बरेली से राम ज्योति लाने वाले अधिवक्ताओं के दल में शामिल रहे। भगवान राम की पूजा अर्चना का फल भी मिला है। अयोध्या में भव्य मंदिर निर्माण हुआ और अब रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होने जा रही है। इस ऐतिहासिक पल को पूरे भक्ति भाव के साथ देखेंगे और दीपोत्सव मनाएंगे--- वीरेंद्र कुमार सक्सेना एडवोकेट।
यह भी पढ़ें- पीलीभीत: ऐतिहासिक घंटाघर का होगा उद्धार, नए स्वरूप में दिखेगी घड़ी
