हल्द्वानी: कालूसिद्ध मंदिर हटेगा, 16 जनवरी के बाद टूटेंगी दुकानें

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Edited By Amrit Vichar
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हल्द्वानी, अमृत विचार। सड़क चौड़ीकरण में सिर्फ दुकानें, जिला विकास प्राधिकरण की पार्किंग, सरकारी अस्पताल व स्टेडियम, होलिका ग्राउंड ही नहीं बल्कि कालू सिद्ध बाबा का मंदिर भी हटाए जाना लगभग तय है हालांकि मंदिर के विस्थापन के लिए स्थान के चयन पर सहमति नहीं बनी है। इधर, नगर निगम ने दुकानों को तोड़ने के लिए नोटिस जारी कर दिए हैं। 16 जनवरी के बाद दुकानें तोड़ने का अभियान शुरू हो जाएगा। 

मंगल पड़ाव से बस अड्डे तक सड़क चौड़ीकरण प्रस्तावित है। इसमें सड़क के बीचोबीच दोनों तरफ 12-12 मीटर चौड़ीकरण किया जाना है। इसको लेकर लोनिवि ने दोनों तरफ ध्वस्तीकरण के चिह्न भी लगा दिए हैं। मंगल पड़ाव से बस अड्डे तक 14 नगर निगम व 53 निजी दुकानें, सुलभ शौचालय, दो सरकारी अस्पताल, स्टेडियम, एक सरकारी पार्किंग भी ध्वस्तीकरण के दायरे में आ रही हैं।

इस मामले में नगर निगम अब तक 75 नोटिस जारी कर चुका है। इधर, नगर निगम, प्रशासन की संयुक्त् टीम ने चौड़ीकरण के लिए स्टेडियम, बेस अस्पताल व कुमंविनि की बांउड्री वॉल तोड़ दी है। अब कालाढूंगी चौराहे स्थित कालू सिद्ध मंदिर का भी हटाया जाना लगभग तय माना जा रहा है। सड़क चौड़ीकरण के लिए इस मंदिर को विस्थापित किया जाएगा। मामला धार्मिक होने की वजह से पुलिस-प्रशासन फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। अधिकारिक सूत्रों के अनुसार, मंदिर को विस्थापित करने के लिए मंदिर परिसर के पास में ही जमीन खोजी गई है हालांकि अभी मंदिर समिति से बात करने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।  

व्यापारियों में है नाराजगी 
नगर निगम की कार्रवाई से व्यापारी वर्ग नाराज है। व्यापारियों की बीती 6 जनवरी को नगर आयुक्त पंकज उपाध्याय के साथ बैठक भी हुई थी जो हंगामे की भेंट चढ़ गई थी। बताया जा रहा है कि प्रशासन, नगर निगम और लोनिवि इस मामले में पीछे हटते नहीं दिख रहे हैं। इस वजह से व्यापारियों की बात को अनसुना किया जा रहा है।

सड़क को चौड़ा करने के लिए कालूसिद्ध मंदिर हो हटाया जाएगा लेकिन मंदिर कहां विस्थापित होगा अभी इस पर सहमति नहीं बनी है। दुकानदारों को नोटिस दिया गया है। अभी 16 जनवरी का समय है।
-पंकज उपाध्याय, नगर आयुक्त, हल्द्वानी

इमरजेंसी व सीटी स्कैन रूम के लिए पांच सदस्यीय कमेटी ढूंढेगी जगह

 बेस अस्पताल की सुरक्षा दीवार ढहाने के बाद अब इमरजेंसी और सीटी स्कैन कक्ष के ध्वस्तीकरण की तैयारी है हालांकि अभी तक इमरजेंसी और सीटी स्कैन कक्ष कहां शिफ्ट होगा यह तय नहीं हो पाया है। इसके लिए अस्पताल प्रबंधन ने पांच सदस्यीय कमेटी बनाई है जो प्रशासन से बातचीत के बाद शिफ्टिंग का काम शुरू करेगी।

सड़क चौड़ीकरण को लेकर इन दिनों प्रशासन, नगर निगम और लोक निर्माण विभाग की टीम संयुक्त रूप से अभियान चला रही है। इसके तहत मंगलपड़ाव से रोडवेज तक सड़क के डिवाइडर से दोनों ओर करीब 12-12 मीटर के चौड़ीकरण के दायरे में आ रहे सरकारी व निजी भवनों को ढहाया जा रहा है। इसी क्रम में बीते मंगलवार की रात टीम ने अतिक्रमण की जद में आ रही बेस अस्पताल की सुरक्षा दीवार ढहा दी थी। अब इमरजेंसी और सीटी स्कैन कक्ष को ढहाने की तैयारी है लेकिन अभी तक इमरजेंसी और सीटी स्कैन कक्ष कहां बनेगा यह तय नहीं हो पाया है। इसके लिए बुधवार को अस्पताल प्रबंधन ने पांच सदस्यों की कमेटी गठित की है। यह कमेटी ठोस रणनीति बनाकर प्रशासन से बातचीत के बाद इमरजेंसी और सीटी स्कैन कक्ष को शिफ्ट करने का कार्य करेगी।

सुरक्षा दीवार ढहाने के बाद मिला नोटिस
बेस अस्पताल प्रबंधन को नगर आयुक्त/लोनिवि की ओर से बुधवार को अतिक्रमण हटाने को लेकर नोटिस मिला है जबकि बीते मंगलवार तक प्रबंधन को कोई नोटिस प्राप्त नहीं हुआ था। प्रबंधन को बिना नोटिस दिए ही नगर निगम, प्रशासन और लोनिवि ने मंगलवार की रात नैनीताल रोड की सुरक्षा दीवार ढहा दी।


अतिक्रमण के संबंध में बुधवार को नोटिस मिला है। इस बारे में स्वास्थ्य महानिदेशक को अवगत करा दिया है। कितना हिस्सा टूटना है इसके लिए कमेटी बनाई है। जो प्रशासन के साथ बातचीत के बाद ठोस रणनीति बनायेगी। इसके बाद आगे कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. सविता ह्यांकी, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक, बेस अस्पताल


महिला अस्पताल का प्रशासनिक कार्यालय भी होगा ध्वस्त
राजकीय महिला अस्पताल का प्रशासनिक कार्यालय भी ध्वस्तीकरण की जद में है। इसके साथ ही दिव्यांग बच्चों के लिए बना बेस अस्पताल का डिस्ट्रिक्ट अर्ली इंटरवेंशन सेंटर (डीईआईसी) भी ध्वस्त होगा।

नैनीताल-बरेली रोड चौड़ीकरण के लिए प्रशासन, नगर निगम और लोनिवि ने महिला अस्पताल में सड़क से करीब 6 मीटर अंदर तक लाल निशान लगाया है। इसकी जद में अस्पताल का प्रशासनिक कार्यालय, अधिष्ठान अनुभाग, आईसीटीसी लैब और औषधि भंडार है। इसके ठीक ऊपर प्रथम तल पर दिव्यांग बच्चों के लिए बना बेस अस्पताल का डीईआईसी कार्यालय है जो अतिक्रमण में चिन्हित है।

मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. उषा जंगपांगी ने बताया कि अतिक्रमण को लेकर नोटिस मिल चुका है। प्रशासनिक कार्यालय समेत अन्य विभागों को दूसरी जगह शिफ्ट करने की तैयारी चल रही है। डीईआईसी कार्यालय कहां शिफ्ट होगा, यह अभी तय नहीं हो पाया है।

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