बरेली: आईवीआरआई की प्रौद्योगिकी में रुचि दिखा रहीं विभिन्न कंपनियां

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। पशु चिकित्सा के साथ ही प्रौद्योगिकी में बेहतर कर रहे भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान प्रबंधन की ओर से उद्योग-अकादमिक श्रृंखला की शुरुआत की गई है। इसी श्रृंखला में तीसरी इंटरफेस मीट का आयोजन शुक्रवार को किया गया। इसमें 128 से अधिक उद्योगों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

आईवीआरआई के निदेशक व कुलपति डा. त्रिवेणी दत्त ने बताया कि संस्थान द्वारा विकसित प्रौद्योगिकियों विशेष रूप से टीके, डेयरी से संबंधित नई तकनीक, नैनो प्रौद्योगिकी और केंचुआ खाद आदि में तमाम कंपनियां विशेष रुचि ले रही हैं।

18 से अधिक कंपनियों ने आईवीआरआई में अपने उत्पादों का मानकीकरण कराने की जानकारी ली है। इन बड़ी कंपनियों में ईफीड, फिलियो बाय लेसाफ्रे, विरबैक एनिमल हेल्थ, आईएनएएफएएच, वेंकटेश्वर हैचरीज, केमलाइफ इनोवेशन शामिल हैं।

इसके अलावा मक्का और एसबीएम के प्रतिस्थापन, पोल्ट्री फीड, मवेशियों और भैंसों में आईवीएफ और ईटी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता संचालित टेलीमेडिसिन, एआई और एस्ट्रस डिटेक्टर, जैविक, मीथेन शमन, मवेशी चारा, स्वदेशी नस्लों के दूध उत्पादन क्षमता में सुधार, एथनोवेटरनरी दवा, जीनोटाइपिंग, पशु पोषण पर भी कंपनियों की ओर से संस्थान से संपर्क किया जा रहा है।

विशिष्ट अतिथि महाराष्ट्र के पशुपालन आयुक्त डॉ. हेमंत वासेकर ने बताया कि ये इंटरफेस बैठक उद्योग-अकादमिक दोनों के लिए परस्पर लाभकारी होगा। उन्होंने पशु स्वास्थ्य प्रबंधन में आईवीआरआई की भूमिका की सराहना की।

इस दौरान डा. एथल,संयुक्त निदेशक (शैक्षणिक) डॉ.एसके मेंदिरता, डॉ. अनुज चौहान, प्रभारी आईटीएमयू, डॉ. पी धर, एचडी मानकीकरण, डॉ. एस.के. सिंह, संयुक्त निदेशक (शोध), डॉ. के.पी. सिंह, संयुक्त निदेशक (केडराड) समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

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